केंद्र ने 81 करोड़ देशवासियों के राशन में की 50 फीसदी कटौती

News Aroma Media
2 Min Read

नई दिल्ली: कांग्रेस (Congress) ने केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) पर 81 करोड़ देशवासियों के राशन में 50 प्रतिशत तक की कटौती करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस महासचिव (Congress General Secretary) जयराम रमेश (JaiRam Ramesh) ने मंगलवार को केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को बंद कर दिया है, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थियों को 5 किलोग्राम अतिरिक्त अनाज मिलता था।

पिछले दो वर्षों से 81 करोड़ भारतीय 10 किलोग्राम खाद्यान्न के पात्र थे, लेकिन अब उन्हें केवल 5 किलोग्राम अनाज मिलेगा यानि राशन में अचानक 50 प्रतिशत की कटौती की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए यह घातक निर्णय राज्य सरकारों से परामर्श किए बगैर और संसद में कोई चर्चा किए बिना ही लिया है।

इस निर्णय से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी

कांग्रेस नेता ने कहा मोदी सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों के लिए मुफ्त 5 किलो अनाज को ऐतिहासिक निर्णय बताकर वाहवाही लूट रही है।

- Advertisement -
sikkim-ad

वास्तव में इस निर्णय से मोदी सरकार को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी, न कि राशन कार्ड धारक, जिनके खर्च में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि गंभीर आर्थिक बदहाली के कारण मोदी सरकार को COVID-19 महामारी के दौरान अतिरिक्त राशन देने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

यह आर्थिक बदहाली आज भी बनी हुई है। हंगर वॉच सर्वेक्षण में पाया गया है कि 80 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में खाद्य असुरक्षा का अनुभव कर रहे हैं। भारत आज ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2022 के अनुसार 121 देशों की सूची में 107वें स्थान पर है।

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मनरेगा से लेकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (National Food Security law) तक मुख्यमंत्री मोदी ने जन-समर्थक यूपीए नीतियों का विरोध किया था लेकिन प्रधानमंत्री मोदी उनका श्रेय लेते हैं लेकिन वे सच में यू-टर्न के उस्ताद हैं।

Share This Article