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झारखंड कांग्रेस विधायकों के मामले में CID ने छापेमारी कर बरामद की नकदी

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कोलकाता: झारखंड कांग्रेस के तीनों विधायकों (All three MLAs) की गाड़ी से 49 लाख रुपये नगदी बरामद होने के मामले में जांच कर रही राज्य CID की टीम ने मंगलवार को लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय के सामने बीकानेर भवन के एक दफ्तर में छापेमारी (Raid) की है। यहां से तीन लाख 31 हजार 700 रुपये नकदी बरामद हुई है।

CID के एक सूत्र ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया है कि दफ्तर से तीन लाख 31 हजार 700 रुपये नकदी बरामद किए गए हैं।

इसके अलावा ढाई सौ चांदी के सिक्के भी मिले हैं। साथ ही कई सारे Bank Account और कारोबार से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

DIG रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी अभियान चलाया गया है। सूत्रों ने बताया है कि कॉस्मापॉलिटन कमोडिटी प्राइवेट लिमिटेड (Cosmapolitan Commodity Private Limited) नाम के कंपनी के दफ्तर में छापेमारी हुई है।

मूल रूप से यहां शेयर ट्रेडिंग का काम होता है लेकिन CID का दावा है कि इसकी आड़ में यहां बड़े पैमाने पर हवाला का कारोबार होता रहा है।

CID अधिकारियों ने बताया है कि हावड़ा के पांचला थाना क्षेत्र में गत शनिवार की शाम तीन इनोवा गाड़ी में पकड़े गए झारखंड कांग्रेस के तीनों विधायकों को लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय (Kolkata Police Headquarters) के सामने इसी बीकानी (बीकानेर) भवन से 49 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए थे।

विधायकों के पास से बरामद रुपये का संबंध सीधे तौर पर इस दफ्तर से रहा

जिस दफ्तर में छापेमारी की गई है, वह महेंद्र अग्रवाल नाम के कारोबारी का है। दावा है कि वह हवाला कारोबार से जुड़ा हुआ है और उसी ने रुपये झारखंड कांग्रेस के विधायकों को उपलब्ध कराए थे।

महेंद्र फिलहाल फरार है। साल्टलेक में उसका आवास है, जहां ईडी के अधिकारियों ने छापेमारी की थी लेकिन वह मिला नहीं। उसकी तलाश तेज कर दी गई है।

जांच अधिकारियों का दावा है कि Jharkhand Congress के तीनों विधायकों के पास से बरामद रुपये का संबंध सीधे तौर पर इस दफ्तर से रहा है।

उल्लेखनीय है कि झारखंड कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इन तीनों विधायकों को झारखंड की झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार गिराकर भाजपा की सरकार बनाने के लिए रुपये दिए गए थे। आरोप लगाए गए थे कि असम के मुख्यमंत्री Hemant Vishwa Sharma ने रुपये दिलवाए थे।

 

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