… और इस तरह अंततः पुलिस के हत्थे चढ़ गया पूर्व भाकपा माओवादी सोमरा उरांव

वह पिछले 15-20 वर्षों से फरार था और दिल्ली में अपना ठिकाना बनाये हुए था

News Aroma Media
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गुमला : चौकीदार हत्याकांड और अन्य कई नक्सली वारदातों में शामिल प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का पूर्व सदस्य सोमरा उरांव अंततः चैनपुर पुलिस की गिरफ्त (Somra Oraon Arrested) में आ ही गया। वह पिछले 15-20 वर्षों से फरार था और दिल्ली में अपना ठिकाना बनाये हुए था।

चैनपुर पुलिस (Chainpur Police) को यह गुप्त सूचना मिली कि पूर्व नक्सली सोमरा उरांव कुछ दिन पूर्व अपना गांव रातु जामटोली आया हुआ है।

बैजू उरांव ने सफलता की जानकारी दी

चैनपुर पुलिस की टीम ने शनिवार की सुबह तिगावल मोड़ के पास घुम रहे पूर्व नक्सली सोमरा उरांव को धर दबोचा।

इस संबंध में चैनपुर के पुलिस इंस्पेक्टर बैजू उरांव ने थाना परिसर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस को मिली इस सफलता की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सोमरा उरांव वर्ष 2007 में चैनपुर थाना के चौकीदार जोसेफिन कुजूर हत्याकांड में संलिप्त था। वर्ष 2007-08 में माओवादी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए चैनपुर डुमरी एवं कुरुमगढ़ इलाके में कई माओवादी वारदातों में शामिल था।

इसके खिलाफ न्यायालय के द्वारा 7 स्थाई वारंट भी निर्गत

सोमरा उरांव चैनपुर एवं डुमरी थाने में विस्फोटक पदार्थ रखने, आर्म्स एक्ट, CLA Act जैसे सात मामलों में वांछित रहा है।

इसके खिलाफ न्यायालय के द्वारा 7 स्थाई वारंट भी निर्गत है। पिछले 15-20 वर्षों से माओवादी संगठन (Maoist organization) को छोड़कर दिल्ली में रहता था।

कुछ दिन पूर्व सोमरा उरांव अपना गांव रातू जामटोली आया हुआ था। इसकी गुप्त सूचना चैनपुर पुलिस को मिली थी। इसके बाद शनिवार को चैनपुर पुलिस ने एक टीम गठित कर छापामारी करते हुए तिगांवल मोड के पास से सोमरा उरांव को धर दबोचा। इधर चैनपुर पुलिस ने सोमरा उरांव (Somra Oraon) को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया।

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