चाईबासा में MGNREGA में हुई गड़बड़ी मामले की हाई कोर्ट में हुई सुनवाई

अधिवक्ता (Advocate) राजीव कुमार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि वित्तीय वर्ष 2008-9, 2009-10, 2010-11 में चाईबासा में करीब 28 करोड़ रुपये का मनरेगा घोटाला हुआ है।

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रांची: High Court के चीफ जस्टिस (Chief Justice) संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बुधवार को चाईबासा में MGNREGA घोटाला की सीबीआई जांच को लेकर मतलूब आलम की जनहित याचिका पर सुनवाई की।

मामले में राज्य सरकार (State Government) समेत सभी प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

मामले की अगली सुनवाई 5 जुलाई को होगी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि इससे संबंधित मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में जो प्राथमिकी दर्ज (FIR Lodged) की गई थी, उसकी वर्तमान में जांच की क्या स्थिति है।

प्रारंभिक जांच दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था

अधिवक्ता (Advocate) राजीव कुमार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि वित्तीय वर्ष 2008-9, 2009-10, 2010-11 में चाईबासा में करीब 28 करोड़ रुपये का मनरेगा घोटाला हुआ है।

इसे लेकर चाईबासा में पुलिस ने 14 FIR दर्ज की थीं। बाद में ACB ने मामले में भी प्रारंभिक जांच दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

चाईबासा में तीन वित्तीय वर्षों में मनरेगा कार्यों में अग्रिम राशि का भुगतान तो कर दिया गया था, लेकिन कोई धरातल पर काम नहीं हुआ था। उस समय चाईबासा के DC के श्रीनिवासन थे।

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