झारखंड विधानसभा : हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही 1 अगस्त तक के लिए स्थगित

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रांची: झारखंड विधानसभा का Monsoon session शुक्रवार को शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन देश और राज्य के दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि दी गयी।

मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर की गयी टिप्पणी के विरोध में जमकर हंगामा किया।

विधानसभा के बाहर भाजपा विधायकों (BJP MLAs) ने कांग्रेस विरोधी नारे लगाए। विपक्ष कांग्रेस सांसद से माफी मांगने की मांग कर रहा था। हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।

शोक प्रस्ताव के साथ शुरू हुई सदन की कार्यवाही

सत्र के पहले सदन में शोक प्रस्ताव लाया गया, जिसमें सभी बड़े नेताओं ने दिवंगत नेताओं (late leaders) की याद में दो मिनट का मौन रखकर उनको श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान सदन के बाहर भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ दिये गये आपत्तिजनक बयान को लेकर प्रदर्शन किया और कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की।

सदन में एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी रखा गया। साथ ही विगत सत्र में सदन में आये सवालों को लेकर सरकार द्वारा की गयी कार्यवाही का प्रतिवेदन रखा गया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्पीकर रबींद्र नाथ महतो, संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम, मंत्री सत्यानंद भेक्ता, भाजपा के मुख्य सचेतक विरंची नारायण, आजसू विधायक सुदेश महतो, विधायक सरयू राय, प्रदीप यादव, अमित यादव ने सदन में पहले दिन दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि दी।

कांग्रेस विधायक ने भी मांगा इस्तीफा

भाजपा विधायकों के हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक Irfan Ansari ने भी कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि विवादित बयान को लेकर अधीर रंजन चौधरी को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए।

इस सत्र में होगा छह कार्यदिवस

Jharkhand का मानसून सत्र 29 जुलाई से शुरू होकर पांच अगस्त तक चलेगा। छह दिवसीय कार्यदिवस पर राज्य में सूखे की स्थिति पर चर्चा होगी। दो अगस्त को वित्तीय वर्ष 2022-2023 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जायेगा।

पहली बार नहीं होगा मुख्यमंत्री प्रश्नकाल

झारखंड के इस मानसून सत्र में पहली बार मुख्यमंत्री प्रश्नकाल (Chief Minister’s Question Hour) नहीं होगा। बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री प्रश्नकाल का प्रावधान था, जिसे इस सत्र से खत्म कर दिया गया। इस कारण झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री प्रश्नकाल नहीं होगा।

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