Latest Newsझारखंडझारखंड में सुखाड़ से निपटने के लिए कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीक...

झारखंड में सुखाड़ से निपटने के लिए कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीक का सभी जिलों को निर्देश

Published on

spot_img
spot_img
spot_img

रांची: राज्य के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता सचिव अबू बकर सिद्दीक ने राज्य में बन रहे सुखाड़ (Drought) जैसी स्थिति से निपटने के लिए सभी ज़िलों को वैकल्पिक खेती के लिए कृषकों के बीच सघन प्रचार प्रसार करने के लिए सभी कृषि पदाधिकारियों (Agricultural Officers) को निर्देश दिया है।

उन्होंने पदाधिकारियों को किसानों (Farmers) को इससे निपटने के लिए हर संभव सहायता करने का निर्देश दिया।

वे रविवार जिला कृषि पदाधिकारियों के साथ राज्य में सूखे जैसी उत्पन्न स्थिति पर वर्चुअल मोड में समीक्षात्मक बैठक कर रहे थे।

कृषि सचिव अबू बक्कर सिद्दीख ने सभी ज़िलों को वर्तमान स्थिति पर लगातार नज़र बनाये रखने और DC की अध्यक्षता में टास्क फोर्स (Task Force) बनाने का भी निर्देश दिया।

सभी जिला कृषि पदाधिकारियों से उनके जिले में वर्षापात (Rainfall), धान के रोपनी की स्थिति, मक्के, दलहन, तिलहन तथा मोटे अनाज की बुवाई की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ अल्पवृष्टि के आशंका के आलोक में वैकल्पिक खेती और उसकी तैयारी के सम्बद्ध में विस्तृत समीक्षा तथा चर्चा की गयी।

ज़िलों वर्षापात सामान्य से कम रिकॉर्ड किया गया, जो की चिंताजनक

राज्य में अभी तक 50 फीसदी ही वर्षापात (Rainfall) हुई है और धान की रोपनी मात्रा 15 फीसदी तक ही हो पायी है. हालांकि मक्का, दलहन तिलहन और मोटे अनाज की बुवाई संतोष जनक है।

18 ज़िलों में वर्षापात 50 फीसदी और उससे भी कम हुई है। कोल्हान प्रमंडल में पूर्वी सिंघभूम एवं पश्चिमी सिंघभूम ज़िलों को छोड़कर बाकी सभी ज़िलों वर्षापात सामान्य से कम रिकॉर्ड किया गया है जो की चिंताजनक है।

जुलाई महीने से लगातार वैकल्पिक खेती (Alternative Farming) के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के मदद किसान गोस्टी का आयोजन किया जा रहा है और कृषकों को वैकल्पिक खेती के लिए कृषक मित्र, ATM, BTM के माध्यम से प्रेरित किया जा रहा है।

राज्य में 15 अगस्त तक धान की रोपनी होती है , अगर आने वाले हफ़्तों में अच्छी बारिश होती है तो धान की रोपनी 30-40 फीसदी तक हो सकेगी।

सूखे से निपटने के लिए तैयार की जा रही वैकल्पिक खेती योजना

वैकल्पिक खेती के लिए मक्का, दलहन, तिलहन तथा मोटे अनाज के बीज की उपलब्धता के लिए भारत सरकार के माध्यम से राष्ट्रीय बीज निगम (National Seed Corporation) से बीज के लिए मांग की जा रही है।

साथ ही सूखे जैसे स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक खेती के लिए कार्य योजना भी तैयार की जा रही है।

बै ठकमें अधिकारियों द्वारा किसानों को अल्पवृष्टि से राहत देने के लिए बीज अनुदान की राशि को बढ़ाने का अनुरोध किया गया। पशुओं के चारे की बीज और चारे की उपलब्धता के लिए भी कार्य योजना पर विचार किया गया।

साथ ही राज्य सरकार किसानों (Farmers) को सूखे से राहत देने के लिए आपदा प्रबंधन के अंतर्गत निहित प्राबधानों पर भी समीक्षा कर रही है, जिससे समय रहते भारत सरकार से वित्तीय सहायता ली जा सके।

बैठक में कृषि निदेशक निशा, विशेष सचिव सह सलाहकार प्रदीप कुमार हज़ारी, डिप्टी डायरेक्टर संतोष कुमार एवं मुकेश कुमार भी मौजूद थे।

spot_img

Latest articles

UK में झारखंड की विरासत की गूंज, सांस्कृतिक सहयोग से वैश्विक पहचान की ओर कदम

Jharkhand's Heritage Resonates in the UK: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है...

प्रवेश पत्र न मिलने से परीक्षा से वंचित अभ्यर्थी, मामला पहुंचा हाईकोर्ट

candidates Deprived of Examination: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित माध्यमिक आचार्य संयुक्त...

गर्मी की आहट के साथ बढ़ा जल संकट, हजारों चापानल अब भी खराब

Water Crisis Increases with the Onset of Summer: ठंड का मौसम अब धीरे-धीरे खत्म...

सिसई में JSLPS कर्मियों पर राजनीतिक पक्षधरता का आरोप, विधायक ने किया तबादले की मांग

MLA demands Their Transfer: सिसई के विधायक अमित महतो ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन...

खबरें और भी हैं...

UK में झारखंड की विरासत की गूंज, सांस्कृतिक सहयोग से वैश्विक पहचान की ओर कदम

Jharkhand's Heritage Resonates in the UK: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है...

प्रवेश पत्र न मिलने से परीक्षा से वंचित अभ्यर्थी, मामला पहुंचा हाईकोर्ट

candidates Deprived of Examination: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित माध्यमिक आचार्य संयुक्त...

गर्मी की आहट के साथ बढ़ा जल संकट, हजारों चापानल अब भी खराब

Water Crisis Increases with the Onset of Summer: ठंड का मौसम अब धीरे-धीरे खत्म...