रांची में मुखिया प्रत्याशी के फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर चुनाव लड़ने का मामला पहुंचा निर्वाचन आयोग

News Aroma
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: भीम मुंडा ने ओरमांझी प्रखंड की ओरमांझी पंचायत से मुखिया प्रत्याशी दीपक बड़ाइक पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नामांकन दाखिल करने का आरोप लगाया है।

इस मामले को लेकर भीम मुंडा ने शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की है। साथ ही खाता 40 के खतियान को आधार बना कर आवेदन दिया है।

उनका कहना है कि दीपक सिंह बड़ाइक हैं और सिंह बड़ाइक अनुसूचित जनजाति में नहीं आता है, जबकि ओरमांझी पंचायत सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।

दीपक बड़ाइक चुनाव लड़ने से वंचित

भीम मुंडा ने अपने आवेदन में कहा है कि दीपक बड़ाइक फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का प्रमाण पत्र हासिल कर चुनाव लड़ते आ रहे हैं।

वर्ष 2010 के पंचायत चुनाव में दीपक बड़ाइक ने फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का प्रमाण पत्र जमा कर चुनाव जीता था।

वर्ष 2015 में दीपक बड़ाइक की पत्नी मीना देवी भी फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का प्रमाण पत्र हासिल कर पंचायत चुनाव लड़ी थी और निर्विरोध जीती थीं।

मीना देवी के मायके नामकुम, रांची की जाति भी सिंह बड़ाइक है, जो सामान्य जाति से आता है।

इसलिए दीपक बड़ाइक को अयोग्य करार देकर चुनाव लड़ने से वंचित किया जाये।

Share This Article