भारत को बौद्धिक संपदा में महाशक्ति बनने की जरूरत: अमित खरे

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कोलकाता: प्रधानमंत्री (PM) के सलाहकार अमित खरे ने कहा है कि देश को बौद्धिक संपदा में महाशक्ति बनने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि देश की बौद्धिक संपदा (IP) में एक महाशक्ति (Super Strength) बनने की आकांक्षा है इसलिए लोगों को ज्ञान का सृजन करना चाहिए।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर के 72वें स्थापना दिवस पर बृहस्पतिवार को खरे ने कहा, ‘‘हमारे अतीत के ज्ञान को भविष्य’’ से जोड़ने की आवश्यकता है और इसमें IIT जैसे संस्थानों की अहम भूमिका है।

हमारे पास ज्ञान का एक भंडार है : अमित खरे

उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि हम 100 साल पुरानी सभ्यता हैं, हमारे पास ज्ञान का एक भंडार है और हम इसे विकसित कर सकते हैं और IIT जैसे संस्थानों (Institutions) की मदद से इसे निखार सकते है।’’

देश को बौद्धिक संपदा (IP) में महाशक्ति बनने की आवश्यकता पर, खरे ने कहा, ‘‘हम एक IT महाशक्ति हैं लेकिन हमें IP में एक महाशक्ति बनने की जरूरत है क्योंकि ज्ञान में असीम शक्ति होती है।’’

ज्ञान का सृजन करना है। नालंदा व विक्रमशिला जैसे संस्थान

उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रौद्योगिकियों को उधार नहीं ले सकते और उनका स्वदेशीकरण नहीं कर सकते, हमें नालंदा और विक्रमशिला (Nalanda-Vikramshila) जैसे संस्थानों की आवश्यकता है। हमें उस ज्ञान का सृजन करना है।’’

खरे ने कहा, ‘‘सामाजिक जिम्मेदारियां हर संस्थान से जुड़ी होती हैं। IIT खड़गपुर स्थानीय संस्थानों के साथ सहयोग कर सकता है और स्थानीय विकास और तकनीकी सहायता प्रदान करके उनकी मदद कर सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘संस्था और समाज के बीच एक जुड़ाव होना चाहिए। समाज को जिज्ञासा विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।’’

खरे ने कहा कि देश में एक हजार साल पहले गुरुकुल का जो विचार था, वही आधुनिक दृष्टिकोण और नई तकनीक के साथ आज IIT Kharagpur में मौजूद है।

भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए PM Narendra Modi के पांच दृष्टिकोणों का हवाला देते हुए, उन्होंने कहा कि युवाओं का समग्र विकास राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में एक अहम बिंदु है जिसे यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है कि प्रत्येक बच्चा जो कुछ भी क्षमता रखता है, उसे प्राप्त कर सकता है।

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