पंचायत चुनाव में बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं नक्सली: डीके तिवारी

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रांची: राज्य निर्वाचन आयुक्त डीके तिवारी ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इंटेलिजेंस इनपुट और विभिन्न जिलों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह बात सामने आ रही है कि पंचायत चुनाव में नक्सली कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।

अधिकारियों को छह मई को राज्य निर्वाचन आयोग ने बुलाया

ऐसे में राज्य सरकार के अधिकारियों को छह मई को राज्य निर्वाचन आयोग ने बुलाया और सारी स्थिति से अवगत भी कराया। जिलों की मांग के अनुरूप निर्वाचन कार्यों में अतिरिक्त बल भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस चुनाव में केंद्रीय बल के उपयोग की अनुमति है लेकिन अतिरिक्त केंद्रीय बल झारखंड को इस बार नहीं मिलेगा।

झारखंड में चार चरणों में हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लोगों की अच्छी भागीदारी सामने आई है। पूरे राज्य में अब तक 104740 व्यक्तियों ने नामांकन किया। ये सभी ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत मुखिया, जिप सदस्य के पदों के लिए नामांकन किए हैं। पहले चरण में 37424, दूसरे चरण में 29346 तीसरे चरण 35976 और चौथा चरण में 31845 लोगों ने चुनाव के लिए नामांकन किया।

उन्होंने कहा कि यह प्रजातांत्रिक व्यवस्था के अच्छे संकेत हैं। निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि पाकुड़ में एक मुखिया के मौत हो जाने के बाद वहां भी मुखिया का चुनाव रद्द किया गया है। मुखिया पद के लिए वहां बाद में चुनाव कराए जाएंगे। पंचायत चुनाव में आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

जाति प्रमाण पत्र मामले से चुनाव आयोग का कोई मतलब नहीं

राज्य निर्वाचन आयुक्त डीके तिवारी ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र किसी का एससी है या एसटी इससे निर्वाचन आयोग को कोई मतलब नहीं। ये केंद्र और राज्य सरकार का मसला है।

चतरा जिला में भोक्ता समुदाय के लोगों से कुछ शिकायतें मिली हैं। सारी स्थिति से राज्य सरकार को अवगत कराया गया है। भोक्ता जाति एससी में है या एसटी में यह स्थिति भी राज्य सरकार स्पष्ट करेगी।

कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडे के झारखंड दौरे को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग गंभीर है। पंचायत चुनाव के दरम्यान झारखंड में उनके दौरे को लेकर के भारतीय जनता पार्टी ने निर्वाचन आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज की थी।

निर्वाचन आयुक्त डीके तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है। इसलिए पूरे मसले की जांच के लिए संबंधित जिलों के डीसी को उचित कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है।

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