पटना हाई कोर्ट में 27 सितंबर से शुरू होगी मुकदमों की फिजिकल सुनवाई

News Aroma
3 Min Read
#image_title
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

पटना: हाई कोर्ट में आगामी 27 सितंबर से पहले की तरह सामान्य फिजिकल कामकाज शुरू होगा. इस बात की जानकारी पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों के समन्वय समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने दी है.

उन्होंने बताया कि मंगलवार को पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों के समन्वय समिति की पूरी टीम हाई कोर्ट के सुरक्षा समिति से संबंधित कमिटी के सदस्यों से मिला जिसमें न्यायमूर्ति ए अमानुल्लाह, न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार, न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद व न्यायमूर्ति अरविंद श्रीवास्तव शामिल थे.

सुरक्षा समिति के साथ बैठक के बाद चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संजय करोल ने घोषणा किया कि आगामी 27 सितंबर से फिजिकल कोर्ट शुरू होगा. पूरे मामले में चीफ जस्टिस का भी सकारात्मक पहल रहा.

यह भी तय हुआ है कि कोर्ट के पांच दिनों के कार्य दिवस में चार दिन फिजिकल और एक दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वर्चुअल कोर्ट चलेगा.

कोर्ट में प्रवेश के लिये हाई कोर्ट परिसर का तीन मुख्य गेट को खोला जाएगा.

वकील संघों को भी दस – दस वकिलों के नाम सुझाने को कहा गया है, जो प्रवेश द्वार पर वकिलों की पहचान करेंगे ताकि सभी लोग नियंत्रित रहे.

यह भी तय हुआ है कि संक्रमण फैलने की स्थिति में चीफ जस्टिस उचित कार्रवाई करेंगे.

उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व हाई कोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलकर हाई कोर्ट में फिजिकल कामकाज शुरू करने का आग्रह किया था.

इसके बाद चीफ जस्टिस ने उक्त मामले में इन्हें हाई कोर्ट की सुरक्षा कमेटी से मिलने को कहा था.

अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति में एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सह समन्वय समिति के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, अजय कुमार ठाकुर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह, शैलेन्द्र कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, मुकेश कांत, सुनील कुमार मंडल, पुरुषोत्तम कुमार दास व अंगद कुअँर शामिल थे.

हाई कोर्ट की सुरक्षा समिति से मिलने हेतु एक आवेदन पटना हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों की ओर से भेजा जा चुका था.

इसी तरह का अनुरोध बिहार स्टेट बार कौंसिल के चेयरमैन ने बार कॉउन्सिल के जनरल बॉडी की बैठक के बाद लिये गए निर्णय पर पटना हाई कोर्ट के म7मुख्य न्यायाधीश से किया था.

Share This Article