राजेश्वर बुर्ला ने कहा-अगले वित्त वर्ष भारतीय हवाईअड्डों के लाभ में आने की उम्मीद

News Aroma Media
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नयी दिल्ली: अंतराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों के दोबारा संचालन और टैरिफ में बढ़ोतरी से दो साल के अंतराल के बाद अगले वित्त वर्ष भारतीय हवाईअड्डे लाभ में आ सकते हैं।

रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों के पूर्ववत संचालन से ट्रैफिक बढ़ेगा। दक्षिण पूर्व एशिया, खाड़ी देश और यूरोप मांग को बढ़ाने वाले बड़े गंतव्य होंगे।

इक्रा के समूह प्रमुख राजेश्वर बुर्ला ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र के लिये प्रति यात्री यील्ड बहुत अधिक है, जो हवाईअड्डा संचालकों की दृष्टि से सकारात्मक है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा कुछ बड़े हवाईअड्डों पर टैरिफ बढ़ाये जाने से संचालन आय वार्षिक आधार पर वित्त वर्ष 22 के 18-19 प्रतिशत से 49 से 51 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 23 में 29-30 प्रतिशत हो जायेगी।

हालांकि, इसके कोरोना संक्रमण से पूर्व के 40 प्रतिशत के स्तर पर आने में समय लगेगा। ऐसा संभवत: वित्त वर्ष 24 तक ही हो पायेगा।

कोरोना की अगली लहर का प्रभाव बहुत कम होगा

इक्रा के मुताबिक देश में विमान यात्रियों की संख्या वार्षिक आधार पर 68 से 70 प्रतिशत बढ़कर आगामी वित्त वर्ष में 31 से 32 करोड़ हो जायेगी।

घरेलू विमान यात्रियों की संख्या इस दौरान वार्षिक आधार पर 64 से 66 प्रतिशत बढ़कर कोरोना पूर्व के स्तर पर पहुंच जायेगी।

केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण के कारण निलंबित वाणिज्यिक उड़ानों के दोबारा संचालन को रविवार को अनुमति दी है।

इससे अंतराष्ट्रीय ट्रैफिक में वार्षिक आधार पर आगामी वित्त वर्ष 100 से 105 प्रतिशत की तेजी आने का अनुमान है और वित्त वर्ष 24 में इसके कोरोना पूर्व के स्तर पर आने का अनुमान है।

इक्रा ने कहा है कि उसका यह अनुमान इस आधार पर है कि कोरोना की अगली लहर का प्रभाव बहुत कम होगा।

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