Ranchi Violence : रांची में हुए उपद्रव केस को CID ने लिया अपने हाथ में

News Desk
3 Min Read

रांची: राजधानी में दस जून को हुए उपद्रव (Ranchi Violence) मामले को CID ने अपने हाथ में ले लिया है। हालांकि यह आदेश पहले ही दिया जा चुका था। इस मामले की जांच डीएसपी महेंद्र सिंह मुंडा करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि यह टीम किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी।

इस मामले में सीआईडी के रांची क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रविकांत प्रसाद को सहायक अनुसंधान पदाधिकारी बनाया गया है। सीआईडी ने मंगलवार से केस का अनुसंधान शुरू कर दिया।

डीजीपी नीरज सिन्हा के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में 22 जून को आदेश जारी कर दिया था। आईजी मानवाधिकार अखिलेश झा ने इस संबंध में सीआईडी एडीजी को पत्र भेजा था। रांची उपद्रव के सबसे प्रमुख केस में सदर अंचल के सीओ अमित भगत शिकायतकर्ता हैं।

22 नामजद समेत आठ से 10 हजार हैं अज्ञात आरोपी

डेली मार्केट थाने में दर्ज केस में 22 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। वहीं, आठ से 10 हजार अज्ञात लोगों को भी दंगा, सरकारी कामकाज में बाधा और हिंसा करने की संगत धाराओं में आरोपी बनाया गया था।

जिन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, उनमें मो सरफराज, कैफी, नदीम अंसारी, शहबाज, मो तबारक, मो साहिल, मो मोदस्सिर, मो सूफियान, शब्बीर अंसारी, मो उस्मान, तबारक, मो अफसर, सद्दाम हुसैन, सदाब आलम, मो अजीम, मो सदाम, जमाल गद्दी, माजिद आलम, खालिद उमर, नकीब उर्फ मिंटू, मुन्ना गद्दी, सद्दाम गद्दी शामिल हैं।

- Advertisement -
sikkim-ad

पुलिस का दावा

आंसू गैस पांच राउंड छोड़ने के बाद हवाई फायरिंग की : 10 जून के उपद्रव को लेकर दर्ज केस में बताया गया है कि नाजायज मजमा लगाकर भीड़ ने पथराव किया, फायरिंग की। रोकने पर पुलिस बल का हथियार लूटने की कोशिश की गई।

मौके पर पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, इसके बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र से भीड़ को हटने को कहा गया, लेकिन भीड़ नहीं मानी। इसके बाद पांच राउंड आंसू गैस छोड़े गए।

भीड़ के नहीं मानने पर हवाई फायरिंग का जिक्र प्रशासन के द्वारा दर्ज एफआईआर में है। अब सीआईडी पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करेगी।

दो की मौत कैसे हुई, मामले का खुलासा कर पाना सीआईडी के लिए बड़ी चुनौती

रांची में हुई हिंसा के दौरान दो लड़कों की मौत हुई थी। पुलिस ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि पुलिस की फायरिंग से दोनों युवकों की मौत हुई है। पुलिस ने भीड़ की ओर से भी फायरिंग करने का आरोप लगाया है।

ऐसे में सीआईडी के सामने यह चुनौती होगी कि इन दोनों को किसकी गोली लगी थी, उससे पर्दा उठाया जा सके। बात दे कि इस घटना में गोली लगने से गंभीर हुए एक अन्य युवक का दिल्ली में इलाज चल रहा है।

Share This Article