HomeUncategorizedसिंदूर विवाहित के 16 सिंगारों में से एक, जानें क्यों माना जाता...

सिंदूर विवाहित के 16 सिंगारों में से एक, जानें क्यों माना जाता हे शुभ?

Published on

spot_img

लाइफस्टाइल डेस्क: Hindu Religion (हिंदू धर्म) के अनुसार सिंदूर किसी भी विवाहित स्त्री के 16 सिंगारों में से एक है। सिंदूर (Sindoor ) का नारी जीवन में बहुत महत्व है।

हिन्दू धर्म में विवाहित स्त्रियों (Married Woman’s) का मांग में सिंदूर लगाना शुभ माना जाता है। सिंदूर सुहाग का प्रतीक माना जाता है। इसलिए यह सुहागन के लिए अमूल्य और परम आवश्यक है। इसे सुहागन स्त्रियां पति की लंबी उम्र के लिए लगाती हैं।

Sindoor

नाकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नही होता

शास्त्रों के अनुसार मेष राशि का स्थान माथे पर होता है। मेष राशि का स्वामी गृह मंगल है तथा मंगल गृह का रंग लाल होता है इसलिए इसे शुभ माना जाता है।

सिंदूर (Sindur) को सौभाग्य का संकेत भी माना जाता है। हिन्दू धर्म में विवाहित स्त्रियों का सिंदूर लगाना बहुत महत्व रखता है। मांग भरने के आलावा सिंदूर का इस्तेमाल लोग दिवाली पर अपने घर के मुख्य द्वार पर भी करते हैं।

वास्तु विज्ञान के अनुसार अपने घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर और तेल लगाने से नाकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का प्रवेश नही होता।

Sindoor

धार्मिक दृष्टिकोण से हानिकारक

भारतीय संस्कृति (Indian Culture) के हर रीति रिवाज में कोई न कोई वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason) छुपा हुआ होता है।

इसी तरह सिंदूर लगाने के पीछे भी कुछ वैज्ञानिक कारण छुपे हुए हैं। इन्ही वैज्ञानिक कारणों के कारण विदेशी भी हमारी संस्कृति के अनुसार सिंदूर लगाना पसन्द करते हैं।

सिंदूर नारी की सुंदरता बढ़ाने के साथ साथ उसके स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है आज के दौर में विवाहित स्त्रियां केमिकल वाला सिंदूर लगाना पसन्द करती हैं जो कि धार्मिक दृष्टिकोण से हानिकारक है।

Sindoor

सिंदूर दिमाग को तनावमुक्त तथा शांत करता है

सिर के उस स्थान पर जहां सिंदूर लगाया जाता है, वहां मस्तिष्क की एक महत्वपूर्ण ग्रंथि होती है जो कि बहुत संवेदनशील भी होती है। इसे ब्रह्मरंध्र कहते हैं। यह ग्रंथि महिला के मस्तिष्क (Mind) के अग्र भाग से शुरू होती हैं तथा मस्तिष्क (Mind) के बीच में ख़त्म होती हैं। सिंदूर ब्रह्मरंध्र के लिए औषधि का काम करता है।

सिंदूर में पारा पाया जाता है। पारा एक तरल पदार्थ (Liquid Matter) है। इसे लगाने से दिमाग को शीतलता मिलती है तथा दिमाग तनावमुक्त रहता है।

Sindoor

सिंदूर को विवाह के बाद लगाने का कारण यह है कि विवाह के बाद स्त्री (Women’s) की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं जिससे उसे तनाव रहने लगता है। ऐसे में सिंदूर दिमाग को तनावमुक्त तथा शांत करता है।

spot_img

Latest articles

पलामू के पांडू में मछली मारने के बहाने बाइक की चोरी, 3 गिरफ्तार

Jharkhand News: झारखंड के पलामू जिले के पांडू क्षेत्र के मुरूमातू में मछली मारने...

झारखंड विधानसभा ने शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव पास किया, सर्वसम्मति से मंजूरी

Jharkhand News: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र (Monsoon Session) के अंतिम दिन गुरुवार को...

पलामू में 19 बालू घाटों की E-Auction शुरू, 5 साल के लिए नीलामी!

Jharkhand News: झारखंड के पलामू जिले में कैटेरी-2 के 19 चिन्हित बालू घाटों की...

निलंबित IAS विनय चौबे मामले में ACB ने Case Diary नहीं की पेश, 6 सितंबर को अगली तारीख

Jharkhand News: हजारीबाग के डिप्टी कमिश्नर (DC) रहते हुए सेवायत भूमि घोटाले (Sewaay Land...

खबरें और भी हैं...

पलामू के पांडू में मछली मारने के बहाने बाइक की चोरी, 3 गिरफ्तार

Jharkhand News: झारखंड के पलामू जिले के पांडू क्षेत्र के मुरूमातू में मछली मारने...

झारखंड विधानसभा ने शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव पास किया, सर्वसम्मति से मंजूरी

Jharkhand News: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र (Monsoon Session) के अंतिम दिन गुरुवार को...

पलामू में 19 बालू घाटों की E-Auction शुरू, 5 साल के लिए नीलामी!

Jharkhand News: झारखंड के पलामू जिले में कैटेरी-2 के 19 चिन्हित बालू घाटों की...