मराठा आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुरक्षित

News Aroma Media
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के मराठा आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में इस सवाल पर बहस हुई कि क्या आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 फीसदी तय करने वाले इंदिरा साहनी फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत है।

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली  बेंच में जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस एस अब्दुल नजीर, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस एस रविंद्र भट्ट शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 9 सितंबर 2020 को महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण पर रोक लगाते हुए इस मामले को पांच जजों या उससे ज्यादा की संख्या वाली बेंच को विचार करने के लिए भेज दिया था।

27 जून 2019 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने मराठा आरक्षण की वैधता को बरकरार रखा था, लेकिन इसे 16 प्रतिशत से कम कर दिया।

हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के 16 प्रतिशत आरक्षण को घटाकर शिक्षा के लिए 12 प्रतिशत और नौकरियों के लिए 13 प्रतिशत करते हुए यह पाया कि अधिक कोटा उचित नहीं था।

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