जल्‍द आएगा कोरोना का नया वेरिएंट!

News Aroma Media
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‎जिनेवा: कोरोना वायरस महामारी अभी खत्‍म नहीं होने जा रही है। जल्‍द आएगा कोरोना का नया वेरिएंट आने वाला है।

ये चेतावनी दी है विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुखिया टेड्रोस अधोनम ने। उन्‍होंने कोरोना के ओमीक्रोन वेरिएंट के हल्‍के होने के दावे के प्रति भी दुनिया को आगाह किया।

टेड्रोस ने कहा कि दुनिया भर में ओमीक्रोन वेरिएंट के मामले लगातार अविश्‍वसनीय तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, इससे नए वेरिएंट आ सकते हें।

उन्‍होंने कहा कि अच्‍छी बात यह है कि कुछ देशों में कोरोना के मामले संभवत: चरम पर पहुंच गए हैं, इससे यह आशा जगती है कि वर्तमान दौर में सबसे बुरा दौर खत्‍म हो गया है।

टेड्रोस ने कहा, ‘मैं विशेष रूप से अभी भी उन देशों को लेकर चिंतित हूं जहां पर कम टीके लगाए गए हैं।

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ऐसा इसलिए है क्‍योंकि जहां पर कम टीकाकरण हुआ है, वहां पर लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने और मौत का खतरा कई गुना ज्‍यादा है।

‘ उन्‍होंने कहा कि ओमीक्रोन हो सकता है कि कम गंभीर हो लेकिन इसे हल्‍का बताना भ्रामक है।

इससे महामारी को जवाब देने की प्रक्रिया को झटका लगता है और कई लोगों की जान जा सकती है। डब्‍ल्‍यूएचओ चीफ ने कहा, ‘कोई गलती न करें, ओमीक्रोन की वजह से अस्‍पतालों में जाने की दर बढ़ रही है।’

उन्‍होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में आने वाले सप्‍ताह स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के लिए बहुत जटिल होने जा रहे हैं।

टेड्रोस ने कहा, ‘मैं सभी का आह्वान करता हूं कि संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए अपना सर्वश्रेष्‍ठ प्रयास करें।

इससे स्‍वास्‍थ्‍य सिस्‍टम पर दबाव कम होगा। उन्‍होंने दोहराया कि कोरोना से लड़ने के लिए वैक्‍सीन सबसे अच्‍छा हथियार है।

इससे पहले अमेरिका के महामारी संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी फाउची ने भी कहा था कि ऐसा कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि ओमीक्रोन से कोविड महामारी का अंत हो जाएगा क्योंकि टीकों को चकमा देने की क्षमता रखने वाले इसी तरह के अन्य वेरिएंट भी सामने आ सकते हैं।

फाउची ने दावोस अजेंडा के एक वर्चुअल कार्यक्रम में कहा ‘प्राकृतिक टीकाकरण’ या पिछले संक्रमण के माध्यम से हासिल प्रतिरक्षा, उतना प्रभावी नहीं हो सकती है जितना कुछ लोग मानते हैं।

उन्होंने कहा कि ओमीक्रोन की तरह, भविष्य में नए वेरिएंट के उभरने की संभावना है जो कोरोना वैक्सीन या शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने में सक्षम हो सकते हैं।

पहले के अन्य प्रकारों की तुलना में ओमीक्रोन के दुष्प्रभाव कम सामने आ रहे हैं।

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