पिता किसान, बेटा जवान, पढ़ें बवाल की कहानी, सिपाही की जुबानी…

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मंगलवार को किसान ट्रैक्टर रैली की आड़ में हुए उपद्रव के दौरान दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने पुलिस की वर्दी पर दाग लगने से बचा लिया।

हालांकि पुलिस ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर पूरे मामले में कहीं न कहीं स्वयं पर प्रश्नचिह्न जरूर लगवा लिये हैं।

वहीं मंगलवार के दिन की घटना के बारे में पूछने पर सिपाही नितिन भाटी ने बताया कि ‘मेरी ड्यूटी उस दिन सुबह के समय समसपुर गांव (नेशनल हाइवे-9) पर मौजूद फ्लाईओवर के नीचे थी। उनके साथ सब इंस्पेक्टर दया चंद थे।

अचानक एक निहंग सिख हाथ में तलवार लेते हुए मेरी तरफ बढ़ा। कुछ समय के लिए लगा कि यह बस एक नाटक कर रहा है, लेकिन कुछ सेकेंड में मैंने भांप लिया कि नहीं यह नाटक नहीं कर रहा। यह उग्र हो रखा है और  यह मेरी हत्या करना चाहता है’।

Attacking an unarmed officer with a bladed weapon who was just getting on  his bike. Time to show the reality of so called farmer protestors. :  IndiaSpeaks

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उक्त घटना में तुरंत कर्रवाई से जुड़े सवाल पर सिपाही ने बताया, “मैं खाकी वर्दी में वो सब नहीं कर सकता था जो सामने तलवार लिये निहंग सिख कर रहा था।”

सिपाही ने कहा, “अगर उन हालातों में खाकी वर्दी में गोली या लाठी से जबाब देने की कोशिश करता तो समाज के लोग वर्दी को ही बदनाम करते। सब कहते दिल्ली पुलिस ने निहंग सिख को घेरकर मार डाला।

कोई यह नहीं देखता कि वो किस तरह से एक सब्र वाले सिपाही की गर्दन काटने पर तैयार था, मैंने जो ठीक समझा वही किया है।”

सिपाही नितिन ने बताया, “मैंने सोचा कि अभी अगर मैं इससे बचने की कोशिश करूंगा तो मुझे इस पर गोली चलानी होगी। चूंकि मुझे असलहा निकालना है। जबकि इसके हाथ में नंगी तलवार पहले से मौजूद है।

लिहाजा मैंने सोचा आज खामोश रहता हूं, जो किस्मत में होगा देखा जाएगा। नसीब में तो खामोश रहकर भी खुशी लिखी थी तो जिंदगी भला कैसे जाती।”

सिपाही ने बताया कि हमारे बड़े सर (पूर्वी दिल्ली जिले के डीसीपी दीपक यादव, एसीपी डॉ. सचिन सिंघल, एसएचओ मंडावली थाना प्रशांत कुमार और एडिश्नल एसएचओ अजीत कुमार) सबने ब्रीफ कर दिया था। चाहे जो हो जाए, हथियार और गोली हमारा आखिरी रास्ता होना चाहिए।

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पिता किसान, बेटा जवान 

सिपाही नितिन ने अब आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नजीर कायम कर दी है। नितिन दिल्ली से सटे यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिलांतर्गत स्थित दादरी कस्बे के चिटैरा गांव के रहने वाले हैं। नितिन दो भाई हैं। बड़े भाई विपिन भाटी हैं।

विपिन सिंगरौली (मध्य प्रदेश) स्थित कोल इंडिया में सहायक प्रबंधक हैं। जबकि पिता सुदेश सिंह भाटी किसान हैं। परिवार में मां राजवती और पत्नी रिंकी गृहिणी है। नितिन के दो बच्चे ध्रुव और बेटी कनक हैं।

नितिन कई साल पहले कल्याणपुरी स्थित पुलिस कमिश्ननर की रिजर्व बटालियन में तैनात थे। वर्ष 2017 से वे पूर्वी दिल्ली के मंडावली थाने में तैनात हैं। नितिन दिल्ली पुलिस में वर्ष 2016 में भर्ती हुए थे।

दादरी के अग्रसेन इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट पास किया था उसके बाद बी.कॉम. और एलएलबी एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद से करने के बाद दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए।

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