नई दिल्ली: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन आने वाले समय में दुनिया के लिए मिसाल बनने जा रहा है। स्टेशन परिसर में 40 मंजिला ट्विन टावर बनेगा। वहीं, विशाल गुंबद इसमें निखार लाएंगी।
स्टेशन के पुनर्विकास से जुड़े प्रोजेक्ट में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है।
रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन (आरएफक्यू) खुलते ही 9 कंपनियां सामने आई हैं।
यह कंपनियां अब तकनीकी मूल्यांकन से गुजरेंगी। अगले चरण में रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया जाएगा।
केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से पूरे विश्व में मिसाल पेश करेगा।
मल्टीमोड ट्रांस्पोर्ट सिस्टम का बेहतर विकास किया जाएगा, ताकि आसानी से यात्रियों का आवागमन हो सके।
यह एनसीआर की पहली योजना है जिसे ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) कांसेप्ट पर पुनर्विकसित किया जाएगा।
इसे डिजाइन-बिल्ड फाइनेंस ऑपरेट ट्रांसफर (डीबीएफओटी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
अगले चार साल में इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा है
रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण के वाइस-चेयरमैन वेद प्रकाश डुडेजा का कहना है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास महत्वाकांक्षी परियोजना है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स को आकर्षित किया है।
नई दिल्ली स्टे शन परिसर में 40 मंजिला ऊंचा ट्विन टावर का निर्माण किया जाएगा जो दूर से ही इसकी भव्यता को पेश करेंगे।
यह दिल्ली के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र कनॉट प्लेस से काफी नजदीक है लिहाजा स्टेशन विभिन्न नई सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
गुंबद के आकार की टर्मिनल बिल्डिंग होगी जिसमें दो-आगमन और दो-प्रस्थान होंगे।
स्टेशन के दोनों तरफ दो मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) का निर्माण किया जाएगा।
40 मंजिल ऊंचे ट्विन टावर में होटल, कार्यालय और पोडियम होंगे।
हाईस्ट्रीट खरीदारी के साथ पैदल यात्रियों के लिए अलग मार्ग शामिल होंगे।
परिवहन एकीकरण और विकास के लिए स्टेशन को एक बहु-मॉडल केंद्र के रूप में प्रस्तावित किया है।
पैदल यात्री आवाजाही, साइकिल ट्रैक, ग्रीन ट्रैक और गैर-मोटर चालित वाहन को प्रस्तावित विकास योजना में एकीकृत किया है।