लोहरदगा में राष्ट्रीय लोक अदालत में 1837 मामलों का हुआ निपटारा

राष्ट्रीय लोक अदालत (Rashtriya Lok Adalat) का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सौजन्य से Civil Court परिसर में किया गया।

Central Desk
2 Min Read

Rashtriya Lok Adalat in Lohardaga: राष्ट्रीय लोक अदालत (Rashtriya Lok Adalat) का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सौजन्य से Civil Court परिसर में किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन डालसा अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय, डालसा उपाध्यक्ष सह उपायुक्त डॉ वाघमारे प्रसाद कृष्ण, पॉक्सो के स्पेशल जज अखिलेश तिवारी, बार के अध्यक्ष प्रमोद पुजारी एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

बताया गया कि इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल सात बेंचो का गठन किया गया था। PDG ने कहा कि लोहरदगा के गरीब जनता को ध्यान में रखते हुए विभाग के अधिकारी नरमी बरतें। आपसी समझौते से मामले को सुलह को बढ़ावा दें।

DC ने कहा कि भारतीय न्याय प्रणाली का यह एक अच्छा कदम है। आयोजन के माध्यम से छोटे- छोटे मामलों को समाप्त कर आपस में मिलजुल कर रहे। लोक अदालत के सफल संचालन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजेश कुमार अपनी पूरी टीम के साथ मुस्तैद रहे।

उन्होंने आंकड़ों को बताते हुए कहा कि इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1837 केसों का निष्पादन किया गया जबकि 2.66 करोड़ रुपये की वसूली अर्थदंड के रूप में की गई। निस्तारित किए गए वादों में कुल 333 वाद विभिन्न न्यायालयों में लंबित थे।

- Advertisement -
sikkim-ad

राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर सात कोर्ट के प्रोसेस सर्वर को बरसाती कोट भी प्रदान किया गया। राष्ट्रीय गान एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ वर्ष के दूसरे राष्ट्रीय लोक अदालत का समापन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में इस बार 85 वर्षीय कड़वाटांड, पेशरार निवासी मनहा नागेशिया का वर्ष 2005 से पेंडिंग चल रहे वन अधिनियम का केस फाइन देकर खत्म किया गया। अत्यंत गरीबी की स्थिति को देखते हुए उसके ओर से डालसा सचिव ने फाइन जमा किया।

Share This Article