New product policy implemented in Jharkhand: झारखंड में नई उत्पाद नीति लागू होने तक खुदरा शराब की बिक्री झारखंड स्टेट बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) द्वारा की जाएगी।
राज्य में नयी शराब नीति को एक अप्रैल से लागू करने का प्रस्ताव था, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने में अधिक समय लग सकता है।
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग इस पर तेजी से कार्य कर रहा है और नयी नीति के ड्राफ्ट पर प्राप्त आपत्तियों व सुझावों की रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है।
सुझावों पर तैयार हुई रिपोर्ट
उत्पाद नीति को लेकर मिली आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार की गई है, जिस पर उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सहमति दे दी है।
अब प्रस्तावित नीति को वित्त विभाग, विधि विभाग और राजस्व परिषद के पास भेजा जाएगा। तीनों विभागों की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा, जिसमें अप्रैल तक का समय लग सकता है।
यदि प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी नहीं होती है, तो नयी उत्पाद नीति एक मई से लागू हो सकती है। इस दौरान खुदरा शराब की बिक्री की जिम्मेदारी जेएसबीसीएल संभालेगा।
वर्तमान में कैसे होती है खुदरा शराब की बिक्री?
झारखंड में मौजूदा उत्पाद नीति के तहत खुदरा शराब की बिक्री प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से होती है।
अलग-अलग जिलों में अलग-अलग एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
हालांकि, कुछ जिलों में प्लेसमेंट एजेंसियों द्वारा शराब की बिक्री से अर्जित राशि समय पर जमा नहीं करने के मामले भी सामने आए हैं।
कई एजेंसियों ने अपनी बैंक गारंटी से अधिक राशि की शराब बेची है लेकिन जमा नहीं की।
नयी नीति में खुदरा दुकानों की होगी बंदोबस्ती
खुदरा शराब दुकानों की बंदोबस्ती की जाएगी।
मॉडल शराब दुकान खोलने का प्रावधान होगा, जहां परिसर में शराब पीने की अनुमति दी जाएगी।
खुदरा बिक्री के लिए थोक शराब जेएसबीसीएल द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य के शराब व्यापारियों ने लाइसेंस के माध्यम से दुकान आवंटन की मांग की थी, जिसे नयी नीति में शामिल किया गया है।
तेजी से हो रहा है काम
झारखंड में प्रस्तावित नयी उत्पाद नीति को लागू करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
नीति पर प्राप्त सुझावों की समीक्षा कर ली गई है, लेकिन अंतिम स्वीकृति मिलने में समय लग सकता है।
अगर 31 मार्च तक पूरी प्रक्रिया नहीं होती है, तो तब तक JSBCL के माध्यम से खुदरा शराब की बिक्री जारी रहेगी।