बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बॉर्डर पार करना होगा मुश्किल, भारी जुर्माने का भी डर!

News Update
4 Min Read
4 Min Read
#image_title

High Security Number Plate: झारखंड में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

यह मामला अभी कोर्ट में है, जिससे झारखंड में पुराने वाहनों पर HSRP लगाने की प्रक्रिया अटक गई है। लेकिन बिहार सहित अन्य राज्यों ने इस मामले में सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।

एक अप्रैल से बिना HSRP वाले झारखंड रजिस्ट्रेशन (Registration) के वाहनों को बिहार और अन्य राज्यों में प्रवेश करने में परेशानी हो सकती है। बिहार ने 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों के लिए 31 मार्च तक HSRP लगवाना अनिवार्य कर दिया है।

इसके बाद बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भारी जुर्माना (Fine) लगाया जाएगा। झारखंड के हजारों वाहन हर दिन बिहार जाते हैं, ऐसे में इन नए नियमों से वाहन मालिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

झारखंड में क्यों अटका HSRP लगाने का मामला

झारखंड सरकार ने अक्टूबर 2024 में पुरानी गाड़ियों में HSRP लगाने के लिए एक एजेंसी नियुक्त की थी। इसके तहत तय शुल्क देकर वाहन मालिक अपने वाहनों में यह प्लेट लगवा सकते थे। लेकिन सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जिसके बाद कोर्ट ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी।

अब मार्च के अंतिम सप्ताह में इस मामले की सुनवाई होनी है। यदि कोर्ट सरकार के पक्ष में फैसला देता है, तो HSRP लगाने की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकती है।

बिना HSRP के भारी जुर्माना

केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के वाहनों पर 2,500 रुपये से 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

झारखंड में अब तक 66.66 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से 2019 से पहले के करीब 40 लाख वाहनों में HSRP नहीं लगी है। अगर झारखंड सरकार ने भी इस नियम को लागू किया तो लाखों वाहन मालिकों को जल्द से जल्द यह प्लेट लगवानी होगी।

बिहार समेत कई राज्यों में बढ़ी सख्ती

केंद्र सरकार ने 2022 तक पूरे देश में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को अनिवार्य करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से नए वाहनों में यह प्लेट लगाई जा रही है, लेकिन 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों को लेकर झारखंड में मामला अटका हुआ है।

वहीं, राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार में यह नियम पहले से लागू किया जा चुका है। बिहार सरकार ने साफ कर दिया है कि 31 मार्च 2024 तक सभी पुराने वाहनों में HSRP लगाना अनिवार्य होगा, उसके बाद नियमों का पालन नहीं करने पर भारी जुर्माना लगेगा।

क्या है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट

HSRP एक विशेष प्रकार की पंजीकरण प्लेट है, जो छेड़छाड़ और डुप्लीकेशन से बचाने के लिए डिजाइन की गई है। इसमें एक यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर, होलोग्राम और अल्फा-न्यूमेरिक कोड होता है।

यह प्लेट एल्यूमीनियम (Aluminum) से बनी होती है और इसे हटाना या बदलना मुश्किल होता है। इसके अलावा, इसमें लगा GPS सिस्टम चोरी हुए वाहनों को ट्रैक करने में मदद करता है।

Share This Article