The encroachments in Jharia are arrogant:माइंस रेस्क्यू स्टेशन बस्ताकोला परिसर में स्थित एक बंद आवास पर कब्जा करने को लेकर गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। कुछ युवक बाइक और टेंपो से पहुंचे और जबरन ताला तोड़कर आवास में घुस गए। घटना की सूचना मिलने पर माइंस रेस्क्यू स्टेशन के सुपरिटेंडेंट पीआर मुखर्जी मौके पर पहुंचे, लेकिन युवक उनसे ही उलझने लगे। पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस के आने से पहले ही युवक मौके से फरार हो गए।
आवास पर कब्जे की कोशिश, विरोध करने पर धमकी
गुरुवार को अचानक कुछ युवक बस्ताकोला स्थित माइंस रेस्क्यू स्टेशन परिसर पहुंचे और वहां के बंद पड़े आवास संख्या 2/35 का ताला तोड़ दिया। युवक अंदर घुस गए और कब्जा करने लगे। बताया जा रहा है कि राज शेखर नामक युवक ने अपनी बाइक आवास परिसर में खड़ी कर दी। जब माइंस रेस्क्यू स्टेशन के सुपरिटेंडेंट पीआर मुखर्जी को इस घटना की जानकारी मिली, तो वे अन्य कर्मियों के साथ वहां पहुंचे और युवकों से पूछताछ की।
पुलिस आने की भनक लगते ही भागे युवक
जब पीआर मुखर्जी ने कब्जे का कारण पूछा, तो युवक ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए उनसे बहस करने लगे। हालात बिगड़ते देख सुपरिटेंडेंट ने झरिया थाना को सूचना दी। पुलिस के आने की भनक लगते ही युवक वहां से भाग निकले। हालांकि, उनकी एक बाइक वहीं रह गई। इसके बाद माइंस रेस्क्यू स्टेशन के कर्मियों ने आवास का ताला दोबारा लगा दिया।
महिला कर्मी के नाम आवंटित था आवास
जानकारी के अनुसार, यह आवास रूमू सरकार नामक महिला कर्मी को आवंटित था, जिन्होंने वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना) लेकर अपने पुत्र को नियोजन दिया था। यह आवास पिछले आठ साल से खाली पड़ा था। पहले भी किसी फर्जीवाड़े के मामले में राज्य के बाहर की पुलिस इस आवास पर रूमू सरकार की तलाश में आई थी। तब से इसे किसी अन्य कर्मी के नाम पर आवंटित नहीं किया गया है, और अभी भी इसमें रूमू सरकार का सामान मौजूद है।
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत
माइंस रेस्क्यू स्टेशन के सुपरिटेंडेंट पीआर मुखर्जी ने झरिया थाना में पूरे मामले की शिकायत दर्ज करा दी है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और कब्जा करने वाले युवकों की पहचान करने में जुटी है।