नई दिल्ली: अडाणी ग्रुप की छह कंपनियों के शेयरों में पिछले 4 दिन से लगातार हो रही जोरदार बिकवाली के कारण ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी की संपत्ति में करीब 10 अरब डॉलर यानी 74 हजार करोड़ रुपये की कमी आ गई है।
शेयर मार्केट ने सिर्फ 4 दिन के झटके से ही उन्हें एशिया के दूसरे सबसे बड़े रईस के स्थान से धकेल कर तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया है।
शेयर मार्केट में ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में हो रही जोरदार बिकवाली के कारण कंपनियों के मार्केट कैप में भी सिर्फ 3 दिन में ही 86,699 करोड़ रुपये का की कमी आ चुकी है।
इस ग्रुप की तीन कंपनियों के शेयर में पिछले 4 दिन से लगातार लोअर सर्किट लग रहा है।
वही अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयर भी इसमें 4 दिन से लगातार गिरते जा रहे हैं। ग्रुप की एक और कंपनी अडाणी पोर्ट्स के शेयर भी रोजाना 8 फीसदी तक लुढ़क रहे हैं।
दरअसल सोमवार को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देश पर नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) की ओर से तीन विदेशी फंड्स के अकाउंट को फ्रीज करने की खबर आई थी।
अलबुला इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और एपीएमएस इन्वेस्टमेंट फंड नाम की इन तीन विदेशी फंड्स ने अडाणी ग्रुप की चार कंपनियों में 43,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रखा है।
इस खबर के फैलते ही भारतीय शेयर बाजार में अडाणी ग्रुप की सभी छह कंपनियों के शेयरों की बिकवाली काफी तेज हो गई।
अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों को लेकर कितना नेगेटिव सेंटीमेंट बन गया था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को बाजार खुलते ही अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयर में 10 फीसदी की गिरावट के साथ लोअर सर्किट लग गया।
कुछ देर बाद जब दोबारा इस शेयर में कारोबार शुरू हुआ तो ये शेयर एक बार फिर गिरकर लोअर सर्किट तक पहुंच गया। इसी तरह अडाणी ग्रीन, अडाणी ट्रांसमिशन, अडाणी टोटल गैस और अडाणी पावर के शेयर भी बाजार खुलते ही लोअर सर्किट तक पहुंच गए।
दूसरी ओर अडाणी पोर्ट्स के शेयर में सोमवार को 17 फीसदी की गिरावट आ गई।
सोमवार के बाद से ही लगातार अडाणी ग्रुप की इन 6 कंपनियों के शेयर में लगातार बिकवाली हो रही है।
हालांकि अडाणी ग्रुप की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया जा चुका है कि ग्रुप की कंपनियों में निवेश करने वाले तीन विदेशी फंडों के अकाउंट को फ्रीज करने की खबर भ्रामक है लेकिन इस स्पष्टीकरण के बावजूद निवेशकों में अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों को लेकर डर बना रहा।
इस डर की वजह से अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर लगातार टूटते गए और सोमवार से लेकर बुधवार के बीच में ही इन कंपनियों के मार्केट कैप में कुल 86,000 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आ गई।
मार्केट कैप के लिहाज से सबसे अधिक गिरावट अडाणी टोटल गैस के मार्केट कैप में आई।
इस कंपनी का मार्केट कैप 1,78,807 करोड़ रुपये से घटकर 3 दिन में ही 1,53,313 करोड़ रुपये रह गया इसी तरह अडाणी ट्रांसमिशन का मार्केट कैप 1,75,651 करोड़ रुपये से घटकर 1,50,602 करोड़ रुपये रह गया।
अडाणी पोर्ट्स के मार्केट कैप में भी 10,288 करोड़ रुपये की गिरावट आई।
इस कंपनी का मार्केट कैप 1,60,458 करोड़ रुपये से घटकर 1,50,170 करोड़ रुपये रह गया। सोमवार से बुधवार के बीच ही अडाणी पावर के मार्केट कैप में भी 10,921 करोड़ रुपये की कमी आ गई।
जबकि अडाणी इंटरप्राइजेज का मार्केट कैप 8,936 करोड़ रुपये और अडाणी ग्रीन एनर्जी का मार्केट कैप 6,011 करो रुपये कम हो गया।
सिर्फ 3 दिन में ही ग्रुप की छह कंपनियों के मार्केट कैप में 86,699 करोड़ रुपये की कमी आ जाने का असर ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी की व्यक्तिगत संपत्ति पर भी पड़ा।
उनका नेटवर्थ घटकर 67.6 अरब डॉलर हो गया।
नेटवर्थ में आई गिरावट की वजह से गौतम अडाणी एशिया के दूसरे सबसे रईस व्यक्ति के स्थान से खिसक कर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।
वहीं दुनियाभर के सबसे रईस व्यक्तियों की सूची में गौतम अडाणी 14वें पायदान से खिसक कर 15वें स्थान पर आ गए हैं।
एशिया और वैश्विक रईसों की सूची में गौतम अडाणी की जगह पर अब चीन के कारोबारी झौंग शान शान ने कब्जा कर लिया है।
शेयर बाजार में अपनी कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी के कारण अडाणी खिसक कर झौंग शानशान के स्थान पर पहुंच गए हैं।