आनंद मोहन के बाद अब प्रभुनाथ सिंह और अनंत सिंह की रिहाई की उठी मांग, समर्थकों ने लगाए पोस्टर

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पटना: Bihar के बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन (Anand Mohan) की तरह अनंत सिंह, प्रभुनाथ सिंह को जेल से रिहा करने की मांग को लेकर पटना में सवर्ण क्रांति दल के अध्यक्ष कल्लू सिंह द्वारा पोस्टर (Poster) लगाए गए।

पोस्टर में दोनों को शेर बताया गया है और पोस्टर में लिखा गया है ‘सवर्णों को चाहिए अधिकार नहीं चलेगा अत्याचार’, साथ ही दोनों को जेल से रिहा करने की मांग की गयी है।

आनंद मोहन के बाद अब प्रभुनाथ सिंह और अनंत सिंह की रिहाई की उठी मांग, समर्थकों ने लगाए पोस्टर After Anand Mohan, now demand for the release of Prabhunath Singh and Anant Singh, supporters put up posters

अनंत सिंह, प्रभुनाथ सिंह को फंसाया गया- कल्लू सिंह

सवर्ण क्रांति दल (Savarna Kranti Dal) के अध्यक्ष कल्लू सिंह ने कहा कि अनंत सिंह, प्रभुनाथ सिंह को फंसाया गया। उन्होंने सवर्ण होने की कीमत चुकानी पड़ी।

उन्होंने मांग की कि Anand Mohan की तरह इन दोनों को रिहा किया जाए। इन लोगों का आधा जीवन जनता की सेवा में निकल गया। यह लोग जनता के सेवक हैं।

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अनंत सिंह AK47 मामले में जेल में बंद

बता दें पूर्व विधायक अनंत सिंह AK47 मामले में जेल में बंद हैं। उन्हें 10 साल की सजा हुई थी।

पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह पूर्व विधायक अशोक सिंह हत्याकांड (Ashok Singh murder case) में आजीवन कारावास (Life imprisonment) की सजा काट रहे हैं।

बता दें कि बिहार सरकार (Government of Bihar) ने कारा अधिनियम में बदलाव को मंजूरी दी है इसके बाद बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन समेत कुल 27 लोगों के रिहा होने का रास्ता साफ हुआ है।

इसमें आनंद मोहन 27 अप्रैल को रिहा हो चुके हैं। ऐसे में जहां एक ओर इससे नीतीश सरकार (Nitish Government) की मंशा पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अन्य सजायाफ्ता को भी रिहा करने की मांग उठने लगी है।आनंद मोहन के बाद अब प्रभुनाथ सिंह और अनंत सिंह की रिहाई की उठी मांग, समर्थकों ने लगाए पोस्टर After Anand Mohan, now demand for the release of Prabhunath Singh and Anant Singh, supporters put up posters

‘आनंद मोहन की रिहाई सरासर गलत’

आनंद मोहन की रिहाई पर सवाल उठाते हुए सांसद चिराग पासवान ने कहा कि मेरा साफ तौर पर कहना है कि आनंद मोहन की रिहाई सरासर गलत है कहीं ना कहीं एक दलित परिवार को इंसाफ नहीं मिला है और उनके साथ अन्याय हुआ है।

हत्या जैसे मामले में सरकार कानून को बदल कर रिहा कर रही है यह साफ तौर पर गलत है।

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