रांची में कुख्यात नक्सली पुनई उरांव के मारे जाने के बाद उग्रवादी दस्ते ने छोड़ा इलाका, लोधमा-कर्रा से सटे जंगलों में चला सर्च अभियान

News Aroma Media
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रांची: दो लाख के इनामी पीएलएफआइ एरिया कमांडर पुनई उरांव के रांची पुलिस के साथ हुए एनकाउंटर में ढेर होने के बाद दस्ता के सभी उग्रवादियों ने  इलाका छोड़ दिया है।

वे जंगल छोड़कर सुरक्षित इलाके में शरण ले चुके हैं। रांची पुलिस की टीम ने पूरी रात लोधमा और कर्रा से सटे जंगलों में सर्च अभियान चलाया।

रांची-खूंटी बार्डर के नगड़ी इलाका स्थित लोधमा जंगल में एनकाउंटर के बाद पुलिस ने पूरी रात सर्च अभियान चलाया।अभियान में एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा और ग्रामीण एसपी नौशाद आलम डटे रहे।

मंगलवार को एनकाउंटर में मारा गया था पुनई उरांव

बता दें कि मंगलवार की शाम रांची-खूंटी बार्डर के नगड़ी थाना क्षेत्र के चेटे सिंहपुर में हुई पुलिस मुठभेड़ में पुनई उरांव को पुलिस ने मार गिराया।

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एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा के नेतृत्व में करीब आधे घंटे चले इस ऑपरेशन में पुलिस को कामयाबी मिली है। मौके से एक कार्बाइन और एक पिस्टल बरामद की गई है।

एसएसपी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी रांची-खूंटी बार्डर के लोधमा से सटे जगली इलाके में पुनई का दस्ता कैंप किए हुए है। इस सूचना पर एसएसपी ने नगड़ी थाने की टीम, क्यूआरटी व स्पेशल टीम को लगाया।

पुलिस टीम के पहुंचते ही उग्रवादियों ने शुरू कर दी फायरिंग

एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा के नेतृत्व में गठित रांची पुलिस की टीम लोधमा के लिए मंगलवार की शाम निकली। टीम चेटे गांव के सिंहपुर के पास जैसे ही पहुंची, उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

हालांकि पुलिस की टीम ने उग्रवादियों को सरेंडर करने के लिए कहा। मगर उग्रवादी ताबड़तोड़ फायरिंग करते रहे। पुलिस की टीम ने भी जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान दोनों ओर से दर्जनों राउंड फायरिंग हुई।

करीब आधे घंटे चली इस मुठभेड़ में एरिया कमांडर पुनई उरांव ढेर हो गया। पुनई के मारे जाने के बाद दस्ते में शामिल अन्य उग्रवादी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले। हालांकि पुलिस की टीम ने पीछा किया। पुलिस ने पूरी रात सर्च अभियान चलाया।

रात भर चला सर्च ऑपरेशन

रांची पुलिस ने मुठभेड़ के बाद लोधमा-कर्रा के जंगल में पूरी रात सर्च ऑपरेशन चलाया गया। एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा और ग्रामीण एसपी नौशाद आलम देर रात तक जमे रहे।

पुलिस की टीम उग्रवादियों की तलाश में खूंटी तक भी गई। हालांकि पुनई के दस्ते में शामिल एक भी उग्रवादी नहीं पकड़ा गया।

एके-47 रखता था पुनई उरांव

मुठभेड़ में मारा गया उग्रवादी पुनई एके-47 जैसे घातक हथियार भी रखता था। उसे हथियार सुप्रीमो दिनेश गोप की ओर से उपलब्ध कराया गया था।

पुनई उरांव रांची में ठिकाना बनाकर जमीन कारोबारियों और बड़े व्यवसायियों से रंगदारी वसूलता था। अबतक जितनी भी हत्या की वारदात में पुनई शामिल रहा है, उनमें लेवी विवाद ही रहा है।

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