दिल्ली में एक और बंगला विवाद : संरक्षित स्मारक की जगह पर बना सरकारी आवास!

यही वजह है कि पुराने कर्मियों का नियमितीकरण नही होने दे रही हैं। प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि BJP की शंका सही साबित हुई है

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नई दिल्ली : प्रदेश BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा (Virendra Sachdeva) ने बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना (Vinay Kumar Saxena) को पत्र लिखा।

इसमें उन्होंने जल विहार में ASI संरक्षित स्मारक के विध्वंस और 600 मीटर के बंगले के निर्माण पर ध्यान दिलाया है।

उन्होंने कहा कि यह बंगला जल बोर्ड (Jal Board) की ओर से तत्कालीन CEO उदित प्रकाश के निर्देश पर बनवाया गया था।

बताया जाता है कि इस मामले में IAS अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है।दिल्ली में एक और बंगला विवाद : संरक्षित स्मारक की जगह पर बना सरकारी आवास! Another bungalow dispute in Delhi: Government housing built on the site of a protected monument!

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की मंजूरी के बिना संरक्षित स्मारक को कर दिया ध्वस्त

उन्होंने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि जल बोर्ड ने 2021 के COVID काल के दौरान संरक्षित स्मारक को ध्वस्त करने का कृत्य किया और उसके बाद तेजी से उस पर बंगला बना दिया।

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इतना ही नहीं 15 करोड़ रुपये का बजट भी निर्माण के लिए पास किया गया।

इस मामले में तत्कालीन प्रभारी मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

यह भी आश्चर्य की बात है कि जल बोर्ड ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की मंजूरी के बिना निडरता से संरक्षित स्मारक को ध्वस्त कर दिया।

मुख्यमंत्री के बंगले के सौंदर्यीकरण में 45 करोड़ का घोटाले के एक दिन बाद इसका खुलासा हुआ है।

यह केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) की संवेदनहीनता को दर्शाता है।दिल्ली में एक और बंगला विवाद : संरक्षित स्मारक की जगह पर बना सरकारी आवास! Another bungalow dispute in Delhi: Government housing built on the site of a protected monument!

एजेंडे पर काम कर रहीं मेयर शैली ओबरॉय- BJP

प्रदेश BJP ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली सरकार के एजेंडे पर काम कर रहीं मेयर शैली ओबरॉय (Shelly Oberoi) निगम में कांट्रैक्ट कर्मियों को हटाकर अपने कार्यकर्ताओं को नौकरी देना चाहती हैं।

यही वजह है कि पुराने कर्मियों का नियमितीकरण नही होने दे रही हैं। प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि BJP की शंका सही साबित हुई है।

निगम ने 2012 से लगातार बिना ब्रेक काम कर रहे 3112 DBC कर्मियों को सेवा विस्तार देते हुए दो दिन का Break दे दिया।

इस ब्रेक की वजह से अब इन कर्मचारियों के सेवा नियमितीकरण की राह कठिन हो गई है।

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