झारखंड हाई कोर्ट में बीज घोटाला मामले में तत्कालीन कृषि निदेशक की बहस पूरी

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से बहस पूरी हो गई है, अब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की ओर से बहस होगी

News Aroma Media
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रांची: झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की कोर्ट में शुक्रवार को 46.10 करोड़ के बीज घोटाला मामले (Seed Scam Case) में आरोपित तत्कालीन कृषि निदेशक निस्तार मिंज (Nistar Minj) की क्रिमिनल रिवीजन की सुनवाई हुई।

ACB थाना में दो FIR दर्ज किया गया

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से बहस पूरी हो गई है। अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ओर से बहस होगी। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 जून निर्धारित की है।

निस्तार मिंज ने ACB कोर्ट द्वारा उनके डिस्चार्ज पिटीशन (Discharge Petition) को खारिज कर दिए जाने को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया है कि निस्तार के खिलाफ ACB थाना में दो FIR दर्ज किया गया है, जिनमें एक FIR वर्ष 2009 में बीज घोटाला एवं दूसरा FIR वर्ष 2013 में खाद घोटाला (Fertilizer Scam) में किया गया है।

मामले को बीज घोटाला के साथ मर्ज करते हुए उनके डिस्चार्ज पिटीशन पर सुनवाई हुई

याचिकाकर्ता का कहना है कि वर्ष 2013 में जो खाद घोटाला का मामला (Fertilizer Scam Case) दर्ज किया गया था उसमें अभी तक आरोप पत्र भी दायर नहीं हुआ है और अनुसंधान जारी है। वर्ष 2013 के खाद घोटाला के मामले को बीज घोटाला के साथ मर्ज करते हुए उनके डिस्चार्ज पिटीशन पर सुनवाई हुई थी।

बीज घोटाला के साथ खाद घोटाला के आरोपों को जोड़कर उनके डिस्चार्ज पिटीशन को ACB कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जो अनुचित है। याचिकाकर्ता की ओर से पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) के अधिवक्ता अजीत कुमार, वरीय अधिवक्ता राजीव सिन्हा और रोहित सिन्हा ने पैरवी की।

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