बिहार के पूर्व CM जीतन राम मांझी ने उठाई डोमिसाइल नीति की मांग, कारण…

उन्होंने आगे लिखा कि 'बिहारी नौकरियों पर पहला अधिकार मांगें बिहारी बेरोज़गार', वोट दें बिहारी और नौकरी पाएं बाहरी, यह नहीं चलेगा। सूबे में डोमिसाइल नीति लागू हो

News Aroma Media
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पटना : बिहार में चल रही शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया (Teacher Appointment Process) में उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के सफल होने के बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने प्रदेश में डोमिसाइस नीति लागू करने की मांग की है।

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (Hindustani Awam Morcha) के प्रमुख मांझी ने शुक्रवार को अपने एक्स हैंडल से लिखा कि बिहार के पढे लिखे युवा मजदूरी करे दूसरे राज्यों में और बिहारियों के हिस्से की सरकारी नौकरी ‘लैंड फॉर जॉब’ और ‘Money for job’ के तहत आप बेच दें।

उन्होंने आगे लिखा कि ‘बिहारी नौकरियों पर पहला अधिकार मांगें बिहारी बेरोज़गार’, वोट दें बिहारी और नौकरी पाएं बाहरी, यह नहीं चलेगा। सूबे में डोमिसाइल नीति लागू हो।

शिक्षक के रूप में कुल 72 हजार चयनित हुए

बिहार को 2 नवंबर को 1.20 लाख नए शिक्षक मिलेंगे। ये सभी शिक्षक बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से बहाल किए गए हैं। इनमें से 12 फीसदी शिक्षक (Teacher) बिहार से बाहर के हैं। इसका मतलब है कि लगभग 14 हजार अभ्यर्थी दूसरे राज्यों के हैं।

बताया जाता है कि ये सभी प्राथमिक शिक्षक के तौर पर अनारक्षित वर्ग में चयनित हुए हैं।

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कहा जा रहा कि इनमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के हैं। इसके अलावा झारखंड, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के भी अभ्यर्थी नियुक्त हुए हैं।

अनारक्षित वर्ग (Unreserved Category) में राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों को भी शिक्षक नियुक्ति में आवेदन देने की छूट दी गई थी।

प्राथमिक शिक्षक के रूप में कुल 72 हजार चयनित हुए हैं, इनमें 14 हजार दूसरे राज्यों के हैं।

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