गोपालगंज: जिले में शराबबंदी को लेकर जिला प्रशासन के दावे के विपरीत उत्पाद विभाग के पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से शराब तस्करी का धंधा लगातार फल फूल रहा है।
इसका खुलासा उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने दोनों पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर 29 मई तक जबाव मांगा है। उत्पाद अधीक्षक के इस पत्र से विभाग में खलबली मची हुई है।
उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने 27 मई को लिए गए अपने पत्र में कहा है कि गोपालगंज उत्पाद विभाग में एसआई (दरोगा) सोनू कुमार और रंजीत कुमार पर गुरूवार की सुबह शराब के छापेमारी के दौरान दो मोटर साईकिल सहित अवैध शराब के साथ चार शराब तस्कर को गिरफ्तार किया। लेकिन उन शराब तस्करों को छोड़ने के लिए उसके परिजनों से मोबाईल पर इन लोगों द्वारा लगातार पैसे की मांग की गई।
गिरफ्तारी के बाद काफी समय तक इन लोगाें द्वारा हाइवे पर स्थल बदल बदल कर रखा गया। जबकि उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि छापेमारी के दौरान अधिकारियों को कहां छापेमारी करनी है।
इसकी जानकारी उन्हें देनी होगी। इसके साथ ही जैसे शराब की बरामदगी या किसी तस्कर की गिरफ्तारी होती है तो उत्पाद विभाग के ऑफियल समूह में इसकी जानकारी तुरंत देनी है। लेकिन ये दोनों अधिकारी ने ऐसा नहीं किया।
वैसे तो गोपालगंज में शराब थाने से बेचे जाने के मामले में पहले से भी खाकी वर्दी दागदार रही है।
शराब पकड़ने का जिम्मा जिले के अधिकारियों के कंधे पर है। अगर वहीं शराब के गोरखधंधे में लग जाए तो क्या शराब बंदी सफल हो सकती है।