न्यूज़ अरोमा रांची: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने कहा है कि रांची और राज्य के अन्य स्थानों पर भाजपा नेताओं को किसान सम्मेलन का ढोंग करने की बजाय सिंधु बॉर्डर, एनएच-24 व दिल्ली सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से बातचीत कर समस्या का हल निकालना चाहिए।
उरांव ने मंगलवार को कहा कि जिस तरह से भाजपा नेता किसान आंदोलन की अनदेखी कर अपने निहित स्वार्थ में पूरे आंदोलन की दिशा को बदलने या किसानों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रहे है।
उससे अच्छा होता कि प्रदेश भाजपा के नेता-कार्यकर्ता अपने केंद्रीय नेतृत्व को यह सुझाव देते कि जिनके लिए कानून बनाया गया है, उनकी बातों को भी सुन लेना चाहिए।
भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को किसी भी कानून को बनाने के पहले, उनके साथ जरूर विचार कर लेना चाहिए, जिनके लिए कानून बनना जा रहा है, लेकिन भाजपा कभी ऐसा नहीं करती।
किसी और के कहने पर कानून तो बना लेती है, लेकिन जनविरोध के कारण वह सफल नहीं हो पाती है।
उन्होंने कहा कि कृषि कानून लोकतंत्र की भावनाओं के अनुरूप नहीं है। यही कारण है कि किसान सड़कों पर है।
अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से आंदोलनरत है और तो और कृषि कानून के विरोध में शिरोमनी आकाली दल एवं कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर ने भाजपा से नाता तोड़ लिया। पहले उनको तो समझाये भाजपा।