समय पर अस्पताल पहुंचें, ब्रेन स्ट्रोक व हार्ट अटैक के मरीजों की बच सकती है जान…

एम्स की न्यूरोलॉजी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर मंजरी त्रिपाठी का कहना है कि समय पर स्ट्रोक के लक्षण पहचान कर मरीज को चिकित्सा उपलब्ध कराना लोगों की जान बचा सकता है

News Aroma Media
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Brain Stroke: ब्रेन स्ट्रोक या लकवा (Brain Stroke or Paralysis) भारत में होने वाली मौतों की सबसे बड़ी वजह है। देश में हर चार मिनट में एक व्यक्ति स्ट्रोक से जान गंवाता है।

एम्स की न्यूरोलॉजी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर मंजरी त्रिपाठी (Manjari Tripathi) का कहना है कि समय पर स्ट्रोक के लक्षण पहचान कर मरीज को चिकित्सा उपलब्ध कराना लोगों की जान बचा सकता है।

एम्स दिल्ली के एक हालिया अध्ययन में दावा किया गया है कि ब्रेन स्ट्रोक और दिल का दौरा पड़ने से जान गंवाने वाले लगभग 90 फीसदी मरीज ऐसे थे जो सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए।

38 फीसदी मरीजों की मौत इसलिए हुई कि उनके परिजन समय से उनके लक्षण नहीं समझ पाए। या फिर मामले की गंभीरता को कम आंका और सही समय पर सही अस्पताल नहीं पहुंच सके।

एम्स दिल्ली के शोधकर्ताओं ने ब्रेन स्ट्रोक या दिल का दौरा (Brain Stroke or Heart Attack) पड़ने की वजह से जान गंवाने वाले 435 मरीजों के घर जाकर यह जानकारी जुटाई।

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बर्कले अर्थ (Berkeley Earth) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन में 21.6 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर के PM 2.5 प्रदूषकों में सांस लेना एक सिगरेट पीने के बराबर है।

समय पर अस्पताल पहुंचें, ब्रेन स्ट्रोक व हार्ट अटैक के मरीजों की बच सकती है जान…-Reach hospital on time, life of brain stroke and heart attack patients can be saved…

ये है लक्षण…

● अचानक शरीर के एक हिस्से, चेहरे, हाथ या पैर में सुन्नपन या कमजोरी

● भ्रमित हो जाना, चक्कर आना

● बोलने, देखने में दिक्कत

● शारीरिक संतुलन खो जाना

● चलने में दिक्कत आना

● अकारण तेज और गंभीर सिरदर्द

● अचानक निगलने में कठिनाई

● चेहरे की मांसपेशियां गिरना

रक्तचाप नियंत्रित न होना, जंकफूड, खराब तेल, दिल की बीमारियां, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (Obstructive Sleep Apnea) 

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