चाईबासा में निर्दोष भाभी की हत्या के जुर्म में देवर को मिली आजीवन कारावास की सजा

News Aroma Media
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चाईबासा: निर्दोष भाभी की हत्या (Murder of Sister in Law) करने के आरोपी देवर को 10 हजार रूपए के जुर्माने के साथ आजीवन कारावास की सजा।

2020 में हुआ था मामला दर्ज

बता दें कि देवर सुकरा गागराई को प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ शुक्ला (Vishwanath Shukla) की अदालत ने सजा सुने है ।

इसे खिलाफ आनंदपुर थाना के पतियार गंजू टोला निवासी तिरंगा गागराई के बयान पर 18 नवंबर 2020 को आनंदपुर थाना में मामला दर्ज किया गया था।

कैसे हुई भाभी की मौत ?

दर्ज मामले में बताए गए थे कि 17 मई 2020 को रात के लगभग 10 बजे जिरगा गागराई के घर के आंगन में भजन का कार्यक्रम चल रहा था। जिसमे सभी महिलाएं आंगन में नृत्य कर रही थी।

तभी दोनों भाइयों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। कुछ देर के बाद सुकरा गागराई अपने हाथ में टांगी लेकर आया और बिना कारण अपनी भाभी मारग्रेट गागराई (Margaret Gagarai) के गर्दन पर प्रहार कर दिया ,जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जिसके बाद घर के बाकी सदस्यों को मारने के लिए दौड़ाने लगा, पर नाकाम रहा ।

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आजीवन कारावास की सजा

हादसे के बाद घरवालों ने सुकरा गागराई (Sukra Gagarai) के खिलाफ थाना में मामला दर्ज कराया। अदालत को सुकरा गागराई के खिलाफ हत्या करने का साक्षय मिल जाने से उसे आजीवन कारावास की सजा हुई।

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