बजट130 करोड़ भारतवासियों की भावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाला: अर्जुन मुंडा

Central Desk
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रांची: प्रदेश भाजपा ने केंद्रीय बजट की लोक कल्याणकारी योजनाओं, प्रयासों और प्रावधानों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में सार्थक प्रयास प्रारम्भ कर दिए हैं।

रविवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में बजट 2021-22 के संबंध बजट पर चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें शहर के गणमान्य प्रबुद्ध जन, प्राध्यापक, चिकित्सक, अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने केंद्रीय बजट पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुंडा ने कहा कि यह बजट भारत के सामान्य जन की भावनाओं के अनुरूप, 130 करोड़ भारतवासियों की भावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाला बजट है।

इसमें केवल वर्ष भर के आय व्यय का लेखा जोखा नहीं बल्कि अगले पांच वर्ष तक के विकास का विज़न है। यह बजट स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में भारत के नए क्षितिज पर नया बिहान लेकर आने वाला बजट है। इसमें सरकार की दूर दृष्टि समाहित है।

भारत अपने आजादी के 75वें वर्ष में न सिर्फ खुशियां मनाएगा बल्कि हम भारत के लोग नए संकल्पों को भी पूरा करेंगे।
उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने लोक प्रसिद्धि के लिये नहीं, बल्कि लोक कल्याण की दृष्टि से बजट प्रस्तुत करने की परंपरा शुरू की है। यह केंद्रीय बजट पहला बजट है जिससे पूरा देश खुश है।

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बिना नया कर भार लगाए कदम दर कदम लंबी छलांग लगाने की सार्थक पहल की गई है। मोदी सरकार ने नए कर न लगते हुए कर देने वालों की संख्या बढ़े इस दिशा में प्रयास किये हैं।

मुंडा ने कहा कि केन्द्रीय बजट छह स्तंभों पर आधारित है जिसमें स्वास्थ्य एवं खुशहाली, भौतिक एवं वित्तीय पूंजी, अवसंरचना, आकांक्षी भारत के लिये समावेशी विकास, मानव पूंजी को ऊर्जावान बनाना और न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन की बातें शामिल हैं।

स्वस्थ नागरिक से ही स्वस्थ देश की कल्पना की जा सकती है इसलिये मोदी सरकार ने स्वास्थ्य बजट में 137 प्रतिशत की वृद्धि की है। कोरोना के टीकाकरण के लिये 35 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है जो देश के सामान्यजन को सुकून प्रदान करता है।

यह आत्मनिर्भर भारत के प्रयासों को मजबूती प्रदान करने वाला बजट है जिसमें पूंजीगत व्यय को 34.5 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है।

उन्होंने कहा कि यूपीए शासन में पंच वर्षीय योजना 50 वर्षीय योजना बन जाती थी जबकि अब योजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया है।

आज बुनियादी योजनाएं तेजी से जमीन पर उतारी जा रही हैं। आज प्रतिदिन 29 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण हो रहा जबकि यूपीए सरकार में यह आंकड़ा छह किलोमीटर था।

मुंडा ने कहा कि गांव, गरीब, किसान सहित सामान्य जन तक योजनाओं का लाभ पहुंचे इसके प्रयास किये गए। कोरोना काल की अव्यवस्था से आज यूरोप अमेरिका भी उबर नहीं पाए हैं जबकि भारत ने विषम परिस्थितियों में भी वितरण प्रणाली को बनाये रखने में सफलता पाई।

आज वैक्सीनशन में भी भारत आगे निकल गया। भारत ने कई देशों को वैक्सीन भेजी है। भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व के देशों के साथ ट्रीटी और कूटनीति से आगे बढ़ रहा है। हम रिश्तों को मजबूत कर रहे। साथ ही देश की संभावनाओं को भी बढ़ा रहे।

उन्होंने कहा कि यह दशक भारत के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। मोदी सरकार ने शोध और सामरिक मजबूती पर जोर दिया है। बौद्धिक संपदा में भारत का ज्यादा पेटेंट ही इसपर प्रयास हुए हैं। यदि शुरुवात दृढ़ इच्छाशक्ति से हो तो विश्वास बढ़ता है। यह गुणात्मक परिवर्तन देगा।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सरकार पूरी ईमानदारी के साथ कार्य कर रही जो भारत की कृषि और किसानों की मजबूती के लिये है। किसानों की आय को दोगुनी करने के प्रयास हैं।

इस बजट में नई शिक्षा नीति, प्रवासी मजदूर, शहरी विकास, बिजली, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, नवाचार, अनुसंधान, प्रत्यक्ष,अप्रत्यक्ष कर सभी क्षेत्रों पर जोर देते हुए एक मजबूत आत्म निर्भर भारत के निर्माण की दिशा में अभूतपूर्व पहल है।

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