तीन दिन में सात डॉलर महंगा हुआ क्रूड

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नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का सिलसिला लगातार जारी है।

इस सप्ताह पिछले तीन कारोबारी दिनों में ही कच्चे तेल की कीमतों में प्रति बैरल करीब सात डॉलर की तेजी आ चुकी है।

कीमतों में आई उछाल की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 72 डॉलर के स्तर को पार कर गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आई इस जोरदार तेजी के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं के लिहाज से राहत की बात यह है कि यहां पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया है, जिसकी वजह से राजधानी दिल्ली में आज भी पेट्रोल 101.49 रुपये प्रति लीटर की दर पर और डीजल 88.92 रुपये प्रति लीटर के दर पर बिक रहा है।

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बताया जा रहा है कि मैक्सिको की खाड़ी में कच्चे तेल के उत्पादन में कमी आने की वजह से पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आवक में कमी आई है।

इसके साथ ही अमेरिकी तेल भंडार में आई गिरावट के बाद उसकी भरपाई के लिए पिछले कारोबारी सत्र में बड़े पैमाने पर तेल की खरीद होने से कच्चे तेल के भाव ने और भी तेजी का रास्ता पकड़ लिया।

पिछले कारोबारी सत्र में ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 1.20 डॉलर की तेजी के साथ 72.25 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड (डब्ल्यूटीआई क्रूड) भी 0.82 डॉलर प्रति बैरल की तेजी के साथ 68.36 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ।

बता दें कि पिछले सप्ताह मैक्सिकन ऑयल कंपनी पेट्रोलियोस मैक्सिकानोस पेमेक्स के एक कच्चे तेल के प्लेटफार्म पर आग लग गई थी।

उसकी वजह से मैक्सिको में कच्चे तेल के उत्पादन में अचानक काफी गिरावट आ गई।

इस हादसे की वजह से ऑयल प्लेटफॉर्म के निकटवर्ती सभी 125 तेल कुओं से कच्चे तेल का उत्पादन बंद करना पड़ा है।

एक साथ 125 तेल कुओं के बंद होने के कारण मैक्सिको की खाड़ी से होने वाले कच्चे तेल के उत्पादन में रोजाना 4.21 लाख बैरल की कमी आ गई है।

ऑयल प्लेटफॉर्म पर लगी आग पर हालांकि काबू पा लिया गया है, लेकिन सभी तेल कुओं से कच्चे तेल का उत्पादन शुरू करने में थोड़ा समय और लग सकता है।

मेक्सिको की खाड़ी में हुए इस हादसे की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कच्चे तेल की आवक अचानक घट गई है।

करीब 4.21 लाख बैरल कच्चे तेल की कमी के कारण इस सप्ताह के पहले तीनों अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में लगातार तेजी का रुख बना रहा।

माना जा रहा है कि मैक्सिको की खाड़ी में इस सप्ताह के अंत तक कच्चे तेल का उत्पादन सामान्य हो सकता है।

उत्पादन सामान्य होने के बाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में गिरावट का रुख बन सकता है।

हालांकि जब तक कच्चे तेल की कीमत में गिरावट नहीं आती, तब तक अपनी 85 फीसदी जरूरत की पूर्ति करने के लिए आयात पर निर्भर करने वाले भारत जैसे देशों की परेशानी बढ़ी रहेगी।

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