देश में महंगाई पर काबू पाना सरकार की जिम्मेदारी

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नई दिल्ली: देश के 135 जिलों में पेट्रोल का भाव 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर जा चुका है। ऊपर से बढ़ती महंगाई ने लोगों का बजट हिलाकर रख दिया है।

इस बारे में नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार का कहना है कि सरकार को कुछ करने की जरूरत है।

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर राजीव कुमार ने कहा, इसके लिए केन्द्र सरकार को कुछ करना चाहिए। लेकिन हमें संतुलन की भी जरूरत है।

उन्होंने कहा, महंगाई पर नियंत्रण सरकार की जिम्मेदारी है। और मुझे उम्मीद है कि जिनके ऊपर ये जिम्मेदारी है, वह संतुलन बनाते हुए इसे पूरा करेंगे।

राजीव कुमार ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर 10 से 10.5 फीसदी रहने की उम्मीद जताई।

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दरअसल उन्होंने ये बात आईबीआई के आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 10.5फीसदी से घटाकर 9.5फीसदी किए जाने के सवाल पर कही।

उन्होंने कहा कि आरबीआई ने कोरोना की दूसरी लहर के असर को देखते हुए अनुमान में कटौती की है। लेकिन ये हमारी अर्थव्यवस्था को सिर्फ पहली तिमाही में प्रभावित करेगा।

उन्होंने कहा कि बहुत जल्द हमारी अर्थव्यवस्था में रिकवरी होने लगेगी। जून से ये शुरू हो गई है और जुलाई में ये तेज रफ्तार पकड़ लेगी।

एक बार अर्थव्यस्था में सुधार आना शुरू हो जाए हम आर्थिक वृद्धि के अनुमान में भी संशोधन कर लेंगे।

देश में वर्ष 2021 शुरू होने के बाद से अब तक पेट्रोल और डीजल के दाम 44 बार बढ़ चुके हैं।

केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह से लेकर राजस्थान के श्रीगंगानगर और महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एवं तेलंगाना के कई शहरों में पेट्रोल का भाव 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर जा चुका है।

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