बेगूसराय में व्यवसायी का अपहरण कर हत्या, गुस्साए लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर किया हंगामा

News Aroma Media
3 Min Read

बेगूसराय: बेगूसराय में बेखौफ अपराधियों ने बीज-खाद व्यवसायी प्रवीण कुमार की अपहरण कर हुई हत्या के बाद बेगूसराय में बवाल हो गया है।

अपहरण किए गए जगह से करीब 40 किलोमीटर दूर शव मिलने से कोहराम मच गया तथा वहां से बेगूसराय शव आते ही लोगों ने जिला मुख्यालय में कचहरी चौक को जाम कर यातायात पूरी तरह से ठप कर दिया।

इस दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद का भी जमकर नारा लगाया तथा एसपी को बुलाने एवं अपराधियों को तुरंत पकड़ने की मांग पर समाचार भेजे जाने तक अड़े रहे। कुछ लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी भी किया।

कचहरी चौक को दिनभर जाम रखने के बाद लोग शाम में शव के साथ एनएच-31 के ट्रैफिक चौक पर पहुंच गए और वहां यातायात ठप कर दिया।

इसके बाद देर शाम करीब आठ बजे व्यवसायी संघ प्रतिनिधियों की सक्रियता से मामला शांत हुआ तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

- Advertisement -
sikkim-ad

कचहरी चौक पर दुकानों को बंद कर सड़क जाम कर रहे स्थानीय लोगों एवं व्यवसायियों का कहना है कि बेगूसराय नगर थाना की पुलिस पूरी तरह से फेल है।

मामले की सूचना मिलते ही त्वरित अनुसंधान किया जा रहा है

शुक्रवार की देर शाम करीब नौ बजे दुकान बंद करने के दौरान बदमाश बोलेरो से आए तथा प्रवीण को बैठा लिया। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार बदमाश बोलेरो में उसे लेकर नगर थाना की ओर चले गए तथा सुबह में साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में उसकी लाश मिलती है।

परिजनों का कहना है कि रात में जब मामले को लेकर नगर थाना गए तो कोई स्टाफ नहीं था, काफी देर के बाद पहुंची एक महिला सिपाही द्वारा सुबह आने की बात कहा गया, लेकिन सुबह में पुलिस के पहुंचने से पहले शव मिल गया।

सड़क जाम की सूचना पाकर पहुंचे सदर डीएसपी को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा तथा काफी कोशिश के बावजूद लोग मानने को तैयार नहीं हुए।

सदर डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही त्वरित अनुसंधान किया जा रहा है। रूट के तमाम सीसीटीवी कैमरे की जांच चल रही है, कुछ इनपुट मिले हैं, जल्द ही घटना में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नगर थाना क्षेत्र के शनिचरा स्थान मियांचक निवासी सुरेन्द्र महतो का पुत्र प्रवीण कुमार कचहरी चौक के समीप सुरेन्द्र सीड्स नाम से बीज-खाद की दुकान चलाता था।

शुक्रवार की रात नौ बजे जब परिजन बात हुई थी तो कुछ देर में दुकान बंद कर घर आने की बात कही थी। लेकिन काफी देर बाद भी घर नहीं पहुंचने पर फिर से फोन किया गया तो उसका मोबाइल बंद था।

खोजबीन करते हुए दुकान पर पहुंचे तो दुकान बंद था एवं मोटरसाइकिल दुकान के बाहर सड़क पर लगी हुई थी।

Share This Article