कनाडा के वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने दिया इस्तीफा

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Chrystia Freeland Resigns: कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो (PM Justin Trudeau) की कुर्सी डगमगाने लगी है। चुनाव से पहले ही उनकी सरकार पर खतरा मंडराने लगा है।

ट्रूडो के खालिस्तान समर्थक यार जगमीत सिंह ही उनका इस्तीफा मांग रहे हैं। दूसरी ओर डिप्टी PM और कनाडा की वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने इस्तीफा देकर ट्रूडो की टेंशन और बढ़ा दी है।

क्रिस्टिया फ्रीलैंड (Chrystia Freeland) ने सोमवार को जस्टिन ट्रूडो कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों का दावा है कि ट्रूडो चाहते थे कि फ्रीलैंड वित्त की जगह कोई और विभाग ले लें लेकिन डिप्टी PM Freeland को यह मंजूर नहीं था। उन्होंने इस्तीफा देना ही सही समझा। फ्रीलैंड के इस फैसले की ट्रूडो की जरा भी उम्मीद नहीं थी। फ्रीलैंड के इस्तीफे से ट्रूडों की मुसीबत बढ़ गई है। विपक्ष को हमला करने का मौका मिल गया।

सोमवार सुबह क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने वित्त मंत्री पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि फ्रीलैंड उसी दिन शाम को लिबरल सरकार के आर्थिक अपडेट पेश करने वाली थीं। सूत्रों का दावा है कि ट्रूडो चाहते थे कि फ्रीलैंड वित्त की जगह कोई और विभाग ले लें, लेकिन डिप्टी पीएम फ्रीलैंड को यह मंजूर न था और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

2020 में क्रिस्टिया फ्रीलैंड को सौंपी गई थी जिम्मेदारी

क्रिस्टिया फ्रीलैंड का पूरा नाम क्रिस्टीना एलेक्जेंड्रा फ्रीलैंड (Alexandra Freeland) है। उनका जन्म 1968 में पीस रिवर, अल्बर्टा में हुआ था। फ्रीलैंड ने 2013 में पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में कदम रखा।

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फ्रीलैंड ने 2013 में ही लिबरल पार्टी के टिकट पर टोरंटो सेंटर सीट से जीत हासिल की। साल 2015 में नवनिर्वाचित पीएम जस्टिन ट्रूडो ने उन्हें अपनी पहली कैबिनेट में अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री बनाया। 2019 में उन्हें उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। 2020 में क्रिस्टिया फ्रीलैंड को वित्त मंत्री की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।

सोमवार को उन्होंने इन दोनों ही पदों से इस्तीफा दे दिया। क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि PM ने उन्हें शुक्रवार को ही बता दिया था कि वह उन्हें वित्त मंत्रालय से हटाने वाले हैं। फ्रीलैंड ने फैसला लिया कि उनके पास कैबिनेट से इस्तीफा देने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है।

उन्होंने अपने पत्र में जस्टिन ट्रूडो को संबोधित करते हुए लिखा कि अपना फैसला लेते वक्त ये साफ कर दिया कि अब आप मुझ पर भरोसा नहीं करते और ना ही आपको लगता है कि मेरे पास वह अधिकार है जो इस पद के साथ आते हैं।

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