रामगढ़ से सामने आया ‘तीन तलाक’ का मामला, प्राथमिकी दर्ज

News Desk
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रामगढ़: ‘तीन तलाक’ एक ऐसी कुप्रथा (Malpractice) है जिसमें मुसलमान (Muslim) अपनी पत्नी को केवल तीन बार तलाक बोलकर उनसे अपने शादीशुदा संबंध तोड़ लेते हैं। अब इसे पूरी तरह से भारत में गैर कानूनी (Illegal) घोषित कर दिया गया है।

लेकिन इसके बावजूद आज भी कई ‘तीन तलाक’ के मामले सामने आते हैं। रामगढ़ (Ramgarh) के गोला थाना क्षेत्र के केनके तरवाताड़ की एक मुस्लिम महिला (Muslim women) को उसके पति ने फोन पर तीन तलाक दे दिया।

जिसके बाद लड़के के परिवार वालों ने महिला को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया। पूरे मामले को लेकर पीड़ित (Victim) महिला ताहिरा परवीन पिता मो. इसराइल अंसारी ने 23 दिसंबर को गोला थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई।

दहेज के कारण अक्सर होता था विवाद

ताहिरा ने थाना में दिए आवेदन में कहा है कि 2017 में उसका निकाह सिल्ली थाना (Silli Police Station) क्षेत्र के गाझा हलमाद निवासी मो. बसीर अंसारी, पिता मो. आजाद अंसारी के साथ हुआ था।

शादी के बाद दो पुत्र दिलखश ( 4 ) वर्ष , तौसिफ ( 2 ) वर्ष है। शादी के 1 वर्ष बाद से ही परिवार में दहेज को लेकर खटपट शुरू हो गई थी और उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक (Physical And Mental) रूप से परेशान किया जाने लगा था।

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विवाद (Dispute) बढ़ता गया, जिसको लेकर तीन बार समाजिक स्तर पर बैठक भी हुई है। 5 स‍ितंबर 2022 को अंजुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन कमेटी तरवाताड़ में बैठक कर दोनों पक्षों को बुलाया गया।

दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर गोला पुलिस ने PR बांड पर लड़की को ससुराल भेज दिया। इसी बीच पति बाहर काम करने की बात कह कर चला गया। बीते 4 नवंबर को फोन करके कहा कि वह उसको तलाक दे रहा है।

अब वह उसकी पत्नी नहीं है, जिसके बाद परिवार के अन्य सदस्य ससुर मो. आजाद अंसारी, सास सलिमुन निशा, ननद रेहाना खातून और सफीना खातून ने मारपीट कर घर से निकाल दिया।

जानकारी के अनुसार ताहिरा परवीन काफी गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। पिता दैनिक मजदूरी कर परिवार को चला रहे हैं ताहिरा के अलावे दो और बेटी है, जिसकी अभी शादी भी नहीं हुई है।

दो बच्चे हैं, कहां जाऊंगी?

ताहिरा कहती है कि पूरे मामले को लेकर थाना में आवेदन देने के बाद भी अब तक इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।पुलिस कहती है कि सामाजिक बैठक (Social Meeting) करके इस मामले को सुलझाएं।

बैठक जब होती है तो लड़के पक्ष से कोई नहीं आता। मुखिया (Chief) की पहल पर लड़के के पिता को थाना के हवाले किया गया था, लेकिन रात 10 बजे पुलिस ने उन्हें भी छोड़ दिया।

ताहिरा कहती है दो बच्चे हैं, कहां जाऊंगी, मुझे उसी घर में उन्हीं के साथ रहना है।

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