CBI ने स्कूल भर्ती घोटाले में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ की शुरू

सूत्रों ने बताया कि CBI की टीम ने पांच पन्नों की एक प्रश्नावली के साथ जांच शुरू की, जिसे CBI ने घोटाले के आरोपी और निष्कासित युवा तृणमूल कांग्रेस नेता कुंतल घोष के बयानों के आधार पर तैयार किया है

News Aroma Media
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कोलकाता: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल स्कूल भर्ती घोटाले (West Bengal School Recruitment Scam) में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) से पूछताछ शुरू की।

बनर्जी सुबह 10 बजकर 55 मिनट पर केंद्रीय जांच एजेंसी के निजाम पैलेस कार्यालय (Nizam Palace Office) पहुंचे और पूर्वाह्न् 11 बजकर 20 मिनट पर पूछताछ शुरू हुई।

सूत्रों ने कहा कि CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) की तीन सदस्यीय टीम उनसे पूछताछ कर रही है। टीम में एक-एक अधीक्षक, उपाधीक्षक और निरीक्षक शामिल हैं। ACBमुख्य पूछताछ अधीक्षक और उप अधीक्षक द्वारा की जा रही है, निरीक्षक मुख्य रूप से कार्यवाही को नोट करने के लिए जिम्मेदार होगा।

सूत्रों ने बताया कि CBI की टीम ने पांच पन्नों की एक प्रश्नावली के साथ जांच शुरू की, जिसे CBI ने घोटाले के आरोपी और निष्कासित युवा तृणमूल कांग्रेस नेता कुंतल घोष (Kuntal Ghosh) के बयानों के आधार पर तैयार किया है।

CBI ने स्कूल भर्ती घोटाले में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ की शुरू-CBI begins questioning Abhishek Banerjee in school recruitment scam

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केंद्रीय एजेंसियों को उनसे पूछताछ करने की अनुमति दी गई

मामले में बनर्जी का नाम तब सामने आया जब घोष ने एक स्थानीय थाने और CBI की एक विशेष अदालत के न्यायाधीश को पत्र लिखकर आरोप लगाया गया कि केंद्रीय एजेंसियां मामले (Central Agencies Cases) में पार्टी महासचिव का नाम लेने के लिए उस पर दबाव बना रही हैं।

इस बीच, बनर्जी के वकीलों ने गुरुवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा (Amrita Sinha) की एकल-न्यायाधीश पीठ के फैसले को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अवकाश याचिका दायर की, जिसमें केंद्रीय एजेंसियों को उनसे पूछताछ करने की अनुमति दी गई थी।

CBI ने स्कूल भर्ती घोटाले में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ की शुरू-CBI begins questioning Abhishek Banerjee in school recruitment scam

25-25 लाख रुपये का जुमार्ना भी लगाया

शनिवार की सुबह, बनर्जी ने खुद CBI को एक पत्र लिखकर शीर्ष अदालत में विशेष अनुमति याचिका (Permission Petition) के बारे में सूचित किया।

गुरुवार को आदेश पारित करते हुए न्यायमूर्ति सिन्हा ने अदालत का समय बर्बाद करने के लिए बनर्जी और घोष (Banerjee and Ghosh) पर 25-25 लाख रुपये का जुमार्ना भी लगाया।

बनर्जी के वकील ने शुक्रवार की सुबह, उच्च न्यायालय की दो खंडपीठों से संपर्क कर एकल न्यायाधीश की पीठ के आदेश को चुनौती दी और मामले में फास्ट-ट्रैक सुनवाई (Fast-Track Hearing) की भी अपील की।

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