नई दिल्ली: कृषि सुधार कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसानों के ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की ओर से देशभर में शनिवार (6 फरवरी) को चक्का जाम का आह्वान किया गया है।
किसान नेताओं के अनुसार दोपहर 12 से 3 बजे तक देशव्यापी चक्का जाम किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने शुक्रवार को बताया कि शनिवार को किसान तीन घंटे के लिए अपने खेतों से निकलकर सड़क पर बैठेगा और चक्का जाम करेगा।
इसके साथ ही अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
यह चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से किया जाएगा। चक्का जाम के दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को नहीं रोका जाएगा। चक्का जाम के दौरान किसानों का किसी को भी परेशान करने की कोई मंशा नहीं है।
उन्होंने बताया कि चक्का जाम के दौरान जिन वाहनों को रोका जाएगा उसमें मौजूद लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस दौरान मट्ठा, छाछ, गुड़, दही आदि किसानों द्वारा लोगों को दिया जाएगा। इसके साथ ही किसान अपनी समस्या भी लोगों के सामने रखेंगे।
गौरव टिकैत ने कहा कि लोगों को बताया जाएगा कि 72 दिनों से किसान खुले आसमान के नीचे आंदोलन कर रहा है लेकिन अभी तक उसकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया।
किसान चाहता है कि जल्द ही तीनों कृषि कानूनों की वापसी हो और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाया जाए।