900 करोड़ हुए खर्च, राम मंदिर ट्रस्ट के खाते में अभी भी बचे हैं 3000 करोड़ रुपये

इनमें विदेशी मुद्रा में दान लेने की कानूनी प्रक्रिया भी शामिल थी, ट्रस्ट ने एफसीआरए के तहत विदेशी योगदान की अनुमति के लिए आवेदन किया है

News Aroma Media
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अयोध्या : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय (Champat Rai) ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) के निर्माण पर 5 फरवरी, 2020 से 31 मार्च, 2023 के बीच 900 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। राय ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के बैंक खातों में अभी भी 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

राय ने बताया कि शनिवार को ट्रस्ट की बैठक में कुल 18 बिंदुओं पर चर्चा हुई। इनमें विदेशी मुद्रा में दान लेने की कानूनी प्रक्रिया भी शामिल थी। ट्रस्ट ने एफसीआरए के तहत विदेशी योगदान की अनुमति के लिए आवेदन किया है।

अयोध्या के रामानंद परंपरा के चार संत शामिल होंगे

राय ने कहा कि सरयू तट पर स्थित राम कथा संग्रहालय (Ram Katha Museum) एक कानूनी ट्रस्ट होगा और वहां राम मंदिर का 500 साल का इतिहास और 50 साल के कानूनी दस्तावेज रखे जाएंगे।

प्रतिष्ठा समारोह के लिए एक धार्मिक समिति का गठन किया गया है। पैनल रामानंदी परंपरा के अनुसार भगवान के श्रृंगार, कपड़े और देवता की पूजा पद्धति पर निर्णय लेगा।

पैनल में नृत्य गोपाल दास, गोविंद देवगिरी, तेजावर स्वामी, चंपत राय, अनिल मिश्रा और अयोध्या के रामानंद परंपरा के चार संत शामिल होंगे।

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