नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में चीन और भारतीय सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच सीमा विवाद बढ़ गया है।
पूर्वी लद्दाख इलाके में तैनात सेना को पीछे हटाने को लेकर भारत और चीन के बीच नौ दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन चीनी सेना 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव कम करने का कोई संकेत नहीं दे रही है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीनी सेना ने सीमा पर तनाव को देखते हुए तिब्बत में आर्टिलरी गन, स्व-चालित होवित्जर और सरफेस-टू-एयर मिसाइल इकाइयों की तैनाती बढ़ा दी है।
इंडियन नेशनल सिक्योरिटी प्लानर्स के मुताबिक, चीनी सेना तीनों सेक्टरों में नई तैनाती कर रहा है और सैनिकों के साथ ही भारी सैन्य उपकरणों को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा रहा है।
इसके साथ ही चीन ने पैंगोंग त्सो के फिंगर क्षेत्रों में नया निर्माण कर भारत को उकसाने की हरकत कर रहा है।
भारतीय सेना को ऐसे सबूत मिले हैं, जिससे पता चलता है कि साउथ ब्लॉक में चीन सैनिकों की नई तैनाती कर रही है, जिसमें 35 भारी आर्मी वाहन हैं, चार 155 एमएम के पीएलजेड, 83 स्व-चालित होवित्जर शामिल हैं। ये सभी बदलाव पीएलके कैंप में रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि ये कैंप नियंत्रण रेखा से मात्र 82 किलोमीटर की दूरी पर है, जो कि चूमार पूर्वी लद्दाख में है।
ज्ञात हो कि एक महीने पहले भी इसी तरह से चीन सेना के कैंप में बदलाव किए गए थे और भारी संख्या में वाहन और हथियार लाए गए थे।
यह बदलाव रूडोक निगरानी सुविधा के पास और एलएसी से 90 किमी दूर मौजूद था। इस दौरान सैनिकों के लिए यहां पर चार नए बड़े शेड और सैनिक क्वार्टर का निर्माण किया गया था।