हत्या के आरोपी सांसद के साथ हाईकोर्ट का दोस्ताना बर्ताव CJI को नहीं आया रास, तल्ख टिप्पणी करते हुए फैसले पर लगाई रोक

लेकिन जो सवाल पूछे जाएंगे वो सांसद को पहले ही लिखित में दे दिए जाए। सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों के अनुसार पूछताछ की रिकार्डिंग भी की जाए

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नई दिल्ली: Andhra Pradesh के मंत्री रहे वाईएस विवेकानंद रेड्डी (YS Vivekananda Reddy) की हत्या के मामले के आरोपी सांसद के साथ तेलंगाना हाईकोर्ट (Telangana High Court) का दोस्ताना बर्ताव CJI डीवाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) को रास नहीं आया।

उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हाईकोर्ट का फैसला गले के नीचे नहीं उतरा। ये कानून के नाम पर भद्दा मजाक है।

CJI ने तुरंत हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए कहा कि आरोपी से आरोपी की तरफ बर्ताव किया जाए। किसी के दोस्त के जैसा नहीं।हत्या के आरोपी सांसद के साथ हाईकोर्ट का दोस्ताना बर्ताव CJI को नहीं आया रास, तल्ख टिप्पणी करते हुए फैसले पर लगाई रोक CJI did not like the friendly behavior of the High Court with the MP accused of murder, making strong remarks, stayed the decision

वाईएस विवेकानंद रेड्डी की बेटी ने सुप्रीम कोर्ट में की थी शिकायत

दरअसल, YS Vivekananda Reddy की बेटी सुनीथा रेड्डी ने अपने एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा के जरिये CJI के सामने तेलंगाना हाईकोर्ट के उस फैसले पर एतराज जताया था जिसमें हाईकोर्ट ने सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी को CBI से सामने इस तरह से पेश होने का आदेश दिया था जैसे वो कोई हाउस गेस्ट हो।

इसी मामले में सांसद के पिता और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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जबकि सांसद को कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (Code of Criminal Procedure) के सेक्शन 160 के तहत नोटिस दिया गया।

इस सेक्शन के तहत पुलिस अफसर को Power होती है कि वो किसी गवाह को समन कर सके।हत्या के आरोपी सांसद के साथ हाईकोर्ट का दोस्ताना बर्ताव CJI को नहीं आया रास, तल्ख टिप्पणी करते हुए फैसले पर लगाई रोक CJI did not like the friendly behavior of the High Court with the MP accused of murder, making strong remarks, stayed the decision

हाईकोर्ट ने सांसद की अरेस्ट पर रोक लगाने के साथ CBI को दिया ये निर्देश

एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा का कहना था कि सांसद ने नोटिस मिलते ही हाईकोर्ट से संपर्क साधा। उसे हिदायत दी गई कि वो एजेंसी के सामने जाकर पेश हो जाए।

लेकिन वो फिर से हाईकोर्ट पहुंच गया तो उसके साथ दोस्ताना बर्ताव दिखाते हुए सांसद की अरेस्ट पर रोक लगाने के साथ एक ऐसा आदेश पारित किया जिसमें CBI को हिदायत दी गई कि वो सांसद से 19 से 25 अप्रैल के बीच रोजाना पूछताछ करे।

लेकिन जो सवाल पूछे जाएंगे वो सांसद को पहले ही लिखित में दे दिए जाए। सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों के अनुसार पूछताछ की रिकार्डिंग भी की जाए।

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल को तय की है। उस दिन CBI की रिपोर्ट को देखने के बाद अगला आदेश दिया जाएगा।

सोमवार तक सांसद की अरेस्ट पर रोक

CJI ने सांसद के वकील रंजीत कुमार से तल्ख लहजे में पूछा कि ये कैसा आदेश है। फिर उन्होंने कहा कि ये बर्दाश्त नहीं हो सकता।

हालांकि सांसद को कुछ राहत सुप्रीम कोर्ट से भी मिली। सोमवार तक उसकी अरेस्ट पर रोक लगा दी गई है। 24 अप्रैल को CJI फिर सुनवाई करेंगे।

2019 में हुई थी पूर्व मंत्री की हत्या

विवेकानंद रेड्डी कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री थे। 2019 में वो अपने कडप्पा स्थित घर पर मृत पाए गए थे।

विवेकानंद आंध्र प्रदेश के पूर्व CM वाईएस राजशेखर रेड्डी के भाई थे। पहले इस मामले की जांच SIT ने की पर फिर ये केस 2020 में CBI के पास चला गया।

पिछले रविवार को CBI ने सांसद के पिता वाईएस भास्कर रेड्डी (वाईएस भास्कर रेड्डी) को अरेस्ट किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए सांसद ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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