रांची: झारखंड के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एक वर्ष के कार्यकाल में तमाम विपरीत परिस्थितियों और कोरोनाकाल में भी हर वर्ग के हितों की सुरक्षा को लेकर कई कार्य किये गये, लेकिन एक काम ऐसा किया गया, जिसने दिलों को दिल से जोड़ने का काम किया।
यह काम था सरना धर्म कोड को लेकर एक प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराना।
उरांव रांची के मोरहाबादी मैदान में सरकार की पहली वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि एक वर्ष के कार्यकाल में सरकार ने सड़क, बिजली और अनाज देने का काम किया, कृषि ऋण माफ किया।
इन योजनाओं से दिमाग को भले ही राहत मिला, लेकिन सरना धर्म कोड का प्रस्ताव विधानसभा से पारित होना दिलों को जोड़ने वाला काम था।
इस निर्णय के कारण आदिवासी बहुल इलाके में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार की भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है।
भविष्य में किसी भी सरकार बने, लेकिन लोग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कभी नहीं भुलेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस कदम से लोगों में यह धारणा बनी है कि यह सरकार जो कहती है वह करती है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई सरकारों ने सरना धर्म कोड का वायदा किया था, लेकिन उनसभी ने वादाखिलाफी की।
उरांव ने कहा कि एक साल में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद राज्य सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को हवाई जहान, ट्रेन और बस से घर वापस पहुंचाने का काम किया।
सभी को खाद्यान्न उपलब्ध कराने का काम किया। अब 15 लाख लोगों को राशन कार्ड से जोड़ रहे हैं।
शेष बचे गये लोगों को भी सर्वव्यापी खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अनाज उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ गठबंधन सरकार को समर्थन दिया है, उन्हें कभी निराश नहीं होने दिया जाएगा।