तय समय पर योजनाओं को पूरा करना गुड गवर्नेंस का आधार: हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री ने कहा की जलापूर्ति योजनाओं के लिए जो पाइप लाइन बिछाई जा रही है उसको लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं, जहां पाइपों की क्वालिटी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं उसे बिछाने में मानकों का पालन नहीं हो रहा है

News Aroma Media
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रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा कि गुड गवर्नेंस (Good Governance) के लिए जरूरी है कि योजनाएं तय समय पर पूरी हों।

योजनाओं में गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा जाए। विशेषकर बजट में विभिन्न विभागों के लिए जो बजटीय प्रावधान (Budgetary Provision) किए जाते हैं, उसके अनुरूप कार्यों में गति होनी चाहिए।

इसके लिए अधिकारियों को पूरी जवाबदेही और गंभीरता से कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री गुरुवार को झारखंड मंत्रालय (Ministry of Jharkhand) में विभागों के प्रधान सचिव, सचिव के साथ उच्च स्तरीय बैठक में जोहार परियोजना पोर्टल पर अपलोड योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आज जोहार परियोजना पोर्टल (Johar Project Portal) की पहली समीक्षा हुई। इसमें कई बदलाव करने की जरूरत है।

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मुख्यमंत्री ने विभागों के प्रधान सचिव और सचिव को कहा कि वे हर महीने अपना शेड्यूल (Schedule) तय करें।

इसमें कम से कम तीन से चार दिन फील्ड विजिट को शामिल करें, ताकि साइट पर उन्हें तमाम योजनाओं का जमीनी हकीकत मालूम हो और उसी हिसाब से आगे की रणनीति तय की जा सके।तय समय पर योजनाओं को पूरा करना गुड गवर्नेंस का आधार: हेमंत सोरेन Completion of schemes on time is the basis of good governance: Hemant Soren

सरकारी योजनाएं कई विभागों से जुड़ी होती हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाएं कई विभागों से जुड़ी होती हैं।

ऐसे में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल हो, ताकि उसका क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हो सके।

उन्होंने विभागीय सचिवों से कहा कि वे तमाम योजनाओं की प्रॉपर मॉनिटरिंग (Proper Monitoring) करें, ताकि उसमें अगर किसी प्रकार का व्यवधान या समस्या आए तो उसका समाधान निकाला जा सके। इसका यह फायदा होगा कि योजनाएं समय पर पूरी हो सकेगी।तय समय पर योजनाओं को पूरा करना गुड गवर्नेंस का आधार: हेमंत सोरेन Completion of schemes on time is the basis of good governance: Hemant Soren

योजनाओं में विलंब से बढ़ जाता लागत

मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिवों को कहा कि वे अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का आकलन करते हुए उसकी विस्तृत समीक्षा करें, ताकि उसका क्रियान्वयन सही तरीके से हो और तमाम चीजें सुचारू पूर्वक आगे बढ़ सकें।

कई योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाती है। योजनाओं में विलंब से उसका लागत भी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए योजनाओं की लगातार निगरानी होनी चाहिए।तय समय पर योजनाओं को पूरा करना गुड गवर्नेंस का आधार: हेमंत सोरेन Completion of schemes on time is the basis of good governance: Hemant Soren

योजनाओं की प्रगति किस स्तर पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाएं धरातल पर उतर रही है या नहीं । योजनाओं की प्रगति किस स्तर पर है ।

गुणवत्ता के साथ कार्य हो रहे हैं या नहीं। इसका अब लाइव वेरिफिकेशन किया जाएगा । सूचना प्रौद्योगिकी के सहयोग से इसकी व्यवस्था की जा रही है ।

इसके तहत तमाम योजनाओं की साइट से उसकी प्रगति की जानकारी ली जाएगी। आप सभी अधिकारी इसके लिए अपनी तैयारी पूरी कर लें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तमाम योजनाओं की टाइमलाइन तय करें।

इसके तहत योजनाओं को लेकर DPR तैयार करने, टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने, कार्य की शुरुआत और उसके पूर्ण होने का समय निर्धारित हो।

यदि योजनाओं में विलंब होता है तो किस स्तर पर कितना विलंब हुआ, इसकी भी रूपरेखा तय होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं और पूरी जवाबदेही के साथ अपने कार्यों को सुनिश्चित करें।तय समय पर योजनाओं को पूरा करना गुड गवर्नेंस का आधार: हेमंत सोरेन Completion of schemes on time is the basis of good governance: Hemant Soren

जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा की जलापूर्ति योजनाओं के लिए जो पाइप लाइन बिछाई जा रही है उसको लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं, जहां पाइपों की क्वालिटी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं उसे बिछाने में मानकों का पालन नहीं हो रहा है।

इससे जलापूर्ति योजना कैसे सफल होंगी, इसे सहज समझा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पाइप लाइन बिछाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना हो। इसमें जो भी मानक तय किए गए हैं, उसका पूरा पालन किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन कई बार इसमें असमानताएं देखने को मिलती हैं।

जरूरतमंदों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाता है। यह किसी भी लिहाज से उचित नहीं है।

तमाम अधिकारी इसे गंभीरता से लें और जनकल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों और लाभुकों तक पहुंचाने का कार्य सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की इतनी बड़ी व्यवस्था में योजनाओं के क्रियान्वयन में थोड़ी बहुत गलतियां तो होती ही रहती हैं लेकिन इसकी संख्या इतनी ज्यादा नहीं होनी चाहिए कि गुड गवर्नेंस पर असर पड़े।

अधिकारियों को इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है। यदि कहीं गलतियां हो रही हैं, उसका समाधान निकालने की दिशा में त्वरित पहल होनी चाहिए।

जोहार परियोजना पोर्टल पर अपलोड योजनाएं

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में 30 मई तक जोहार परियोजना पोर्टल पर 1138 योजनाओं की जानकारी है ।

इसमें 931 योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है जबकि 207 योजनाओं को मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं, 595 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है ।

मुख्य रूप से इन परियोजनाओं की हुई समीक्षा

सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना, 3×800 मेगावाट पतरातू सुपर थर्मल पावर स्टेशन के लिए संचरण योजना, संपूर्ण गोड्डा आरडब्ल्यूएसएस के अंतर्गत बोरियो (संपूर्ण प्रखंड) साहेबगंज जिला अंतर्गत गुमानी बराज योजना, गोड्डा एवं सुंदर पहाड़ी रूरल पाइप वॉटर सप्लाई स्कीम सहित झारखंड कृषि ऋण माफी योजना, एशियन डेवलपमेंट बैंक संपोषित झारखंड अर्बन वॉटर सप्लाई इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट मेदिनीनगर निगम, विद्यासागर एवं जामताड़ा प्रखंड अंतर्गत सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, कांटा टोली (रांची) फ्लाईओवर निर्माण परियोजना, सरैयाहाट प्रखंड सरैयाहाट ग्रामीण जलापूर्ति योजना, बाघमारा रूरल वॉटर सप्लाई स्कीम फेज-II, बरलंगा- नेमरा-कसमार-खैराचातर पथ निर्माण कार्य, धोबा-धोबिन-खरपोश-बेनिसागर पथ निर्माण कार्य, रांची जिला अंतर्गत नेवरी विकास विद्यालय से बूटी मोड़, कोकर चौक-कांटा टोली- नामकोम आरओबी तक पथ निर्माण कार्य, साहिबगंज जिला अंतर्गत रांगा सिमरा-हिरन-डुमील श्रीरामपुर-इलाकी भोरबंध- सिमलघाब पथ निर्माण कार्य योजनाओं सहित कई विभिन्न योजनाओं के कार्य प्रगति में तेजी एवं योजनाओं को ससमय पूर्ण करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिया।

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