सजा-ए-मौत! झारखंड में 6 साल की बच्ची का रेप के बाद मर्डर, कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

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साहिबगंज : तीनपहाड़ थाना (Teenpahar Police Station) क्षेत्र में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म (Rape) के बाद हत्या के मामले में राजमहल व्यवहार न्यायालय (Rajmahal Civil Court) प्रथम अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश (Judge) संजय कुमार दुबे की कोर्ट (Court) ने आज 12 दिसंबर को आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई।

क्या था पूरा मामला?

बता दें 4 मार्च, 2015 को राजमहल थाना (Rajmahal Civil Police Station) अंतर्गत जोका गांव में छह वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म (Rape) के बाद हत्या कर दी गई थी।

मामले को लेकर मृतक के पिता ने पुलिस को बताया था कि पड़ोसी (Neighborhood) मो. राहेत शेख उर्फ कलुवा (27 वर्ष) पिता मो. जाबेर शेख उनकी पुत्री को घर से बुलाकर खेलने के लिए ले जाया करता था तथा खेलकूद खत्म होने के बाद घर पर पहुंचा देता था।

हर दिन की तरह 4 मार्च, 2015 की शाम करीब पांच बजे पुत्री को राहेत उर्फ कलुआ घर से बुलाकर कंधे पर बैठाकर ले गया था। जब देर रात तक पुत्री वापस नहीं आयी, तो परिजनों के साथ मिलकर अगल-बगल काफी खोजबीन की, लेकिन पुत्री का कोई सुराग नहीं मिला।

खोजबीन के क्रम में गांव के मो. वसीम एवं इमाम शेख ने बताया कि उन्होंने उनकी पुत्री को राहेत शेख उर्फ कलुवा अपने कंधे पर बैठाकर संध्या के समय पोखर के किनारे ले जाते देखा गया था।

काफी खोजबीन करने पर जोंका स्थित शिमला तालाब के समीप गेहूं के खेत (Wheat Field) पर बच्ची का शव पाया गया था।

बच्ची के गर्दन में खरोच एवं काला दाग का निशान था। साथ ही कपड़ा अस्त-व्यस्त था। जिसके कारण दुष्कर्म के बाद हत्या करने का अंदेशा हुआ।

तालाब के पास मिला था बच्ची का शव

बच्ची का शव मिलने के बाद बच्ची के पिता ने राहेत शेख के खिलाफ बहला-फुसलाकर तालाब के पास खेत में ले जाकर दुष्कर्म (Rape) कर हत्या का आरोप लगाया था।

मामले को लेकर पीड़ित पिता के बयान पर थाना कांड संख्या 81/15 के तहत प्राथमिकी दर्ज (FIR) की गई थी। केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट (Court) में 12 गवाह पेश किए।

आरोप सिद्ध होने पर कोर्ट ने आरोपी राहेत उर्फ कलुवा को हत्या मामले में मृत्युदंड (Capital Punishment) की सजा सुनाई है। वहीं, दुष्कर्म मामले में पोक्सो एक्ट (POSCO Act) के तहत आजीवन कारावास के साथ-साथ एक लाख रुपया का जुर्माना भी लगाया गया है।

जुर्माने (Fine) का भुगतान नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई है। दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या के मामले में सात साल बाद कोर्ट का निर्णय आया।

पुलिस ने पूरे मामले में 12 गवाह बनाए थे। सभी गवाहों (Witnesses) को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। इनकी गवाही के साथ ही दोषी राहेत शेख का जुर्म स्वीकारना भी सजा का मजबूत आधार बन गया।

7 सालों के बाद मिला न्याय

इस मामले में लगातार सुनवाई चल रही थी। तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के जोका गांव में गत चार मार्च, 2015 को घटित एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या मामले में सात साल बाद आयी फांसी की सजा पर परिवार वालों ने कहा कि अब उन्हें न्याय मिला है।

परिवार वाले बताते हैं कि घटना के बाद से परिवार काफी डरे-सहमे थे, लेकिन कोर्ट पर पूरा भरोसा था कि कोर्ट से उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।

इसी उम्मीद पर हमने उम्मीद नहीं हारी और आखिरकार 7 सालों के बाद मेरी बच्ची को न्याय मिला और उस दुष्ट पापी को उसके किए की सजा।

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