रांची : मॉरीशस में आयोजित होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में झारखंड की प्रतिष्ठित शिक्षाविद और शोधकर्ता डॉ. पूनम झारखंड से प्रतिनिधित्व करेंगी। इस वैश्विक मंच पर वे भारत–मॉरीशस संबंधों में हिंदी भाषा के योगदान विषय पर अपना शोध आलेख प्रस्तुत करेंगी। यह झारखंड और देश के लिए गर्व का विषय है कि इस अवसर पर डॉ. पूनम को अंतरराष्ट्रीय हिंदी गौरव सम्मान से भी मॉरीशस में सम्मानित किया जाएगा।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हिंदी प्रचारिणी सभा, मॉरीशस, शिक्षा एवं मानव संसाधन मंत्रालय, मॉरीशस तथा भारतीय उच्चायोग, मॉरीशस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में भारत के साथ-साथ सिंगापुर, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और जापान सहित अनेक देशों के विद्वान साहित्यकारों एवं भाषा विशेषज्ञों की सहभागिता होगी।
डॉ. पूनम वर्तमान में राधा गोविंद विश्वविद्यालय, रामगढ़ के इतिहास विभाग में विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। वे अब तक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक शोध पत्र प्रस्तुत कर चुकी हैं तथा उनकी कई पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी जन्मभूमि चंदवा (लातेहार) है, जिससे वे झारखंड की बौद्धिक परंपरा को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित कर रही हैं।
डॉ. पूनम को इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में आमंत्रण मिलने की सूचना से राधा गोविंद विश्वविद्यालय सहित पूरे शैक्षणिक जगत में हर्ष का माहौल है। उन्होंने न केवल झारखंड का नाम रोशन किया है, बल्कि देश का मान भी बढ़ाया है।
आमंत्रण पत्र के अनुसार यह शैक्षिक यात्रा 9 जनवरी से प्रारंभ होगी तथा 14 जनवरी को सांस्कृतिक संध्या के साथ सम्मेलन का समापन होगा।




