जमशेदपुरः झारखंड सरकार के कारनामे भी अजीबोगरीब हैं।
अब सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को मिड डे मील अनाज का बोरा कलेक्ट करके बेचने को कहा जा रहा है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश काफी बढ़ रहा है और शिक्षक संघ ने तो पूरजोर आंदोलन करने की धमकी तक दे डाली है।
क्या है सरकार का आदेश
बता दें कि 26 अक्टूबर को शिक्षा विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया गया है, जिसे जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से शिक्षकों को भेजा भी गया है।
शिक्षकों को पहले के मध्याह्न भोजन के अनाज के बोरों को भी जुटाने के लिए कहा गया है तो वहीं वर्तमान में बांटे जा रहे अनाज के बोरों को तो संभालकर रखना ही है, जिसे बेचकर वे कुछ आमदनी करेंगे। इस राशि को सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के खाते में जमा किया जाएगा।
शिक्षक संघ ने सरकार के आदेश को बताया अव्यावहारिक
सरकार के इस आदेश को लेकर झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ पूर्वी सिंहभूम ने जबरदस्त आक्रोश जाहिर किया है।
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने मध्याह्न भोजन योजना अंतर्गत बोरा एकत्र कर बेचने के आदेश का पुरजोर विरोध किया है।
शिक्षकों का कहना है कि आदेश कहीं से भी व्यावहारिक नहीं है। पहले से ही शिक्षकों पर कम दबाव नहीं है, जो बोरा भी संग्रह करने की जिम्मेदारी दी जा रही है।