दुमका: बस में सीट को लेकर हुए विवाद में बस कंडक्टर (Bus Conductor) ने आदिवासी युवक की पिटाई करने के विरोध में आदिवासी समाज के लोगों ने बस स्टैंड (Bus Stand) के मुख्य गेट पर घंटों जाम रखा।
आक्रोशित आदिवासी युवकों (Tribal Youths) ने एक खास समुदाय के आरोपित कंडक्टर को सामने लाने की मांग कर रहे थे। युवकों ने पूरे बस स्टैंड की दुकानें बंद कराकर गेट पूरी तरह से जाम कर दिया।
इससे बसों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। सूचना पर DSP मुख्यालय विजय कुमार और सीओ यमुना रविदास मौके पर पहुंचे आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
इस बीच युवकों का नेतृत्व कर छात्र नेताओं से एसपी अंबर लकड़ा ने भी दूरभाष पर समझाने का प्रयास किया। पुलिस के आश्वासन के बाद आठ बजे जाम हटाया जा सका।
2 बजे से शुरू हुआ जाम करीब 8 बजे समाप्त हुआ
बताया गया कि नगर थाना क्षेत्र के पुराना दुमका जरूवाडीह निवासी मृणाल हेम्ब्रम नामक व्यक्ति बस स्टैंड अपनी बहन को छोड़ने गया था।
मृणाल हेम्ब्रम ने बहन को पाकुड़ के लिए जाने वाली प्रिंस नामक बस में बैठाया।
सीट न मिलने पर मृणाल हेम्ब्रम ने कंडक्टर से महिला होने के नाते सीट देने का आग्रह किया, लेकिन कंडक्टर सीट नहीं होने का हवाला देता रहा।
बात-बात में नौबत मारपीट तक पहुंच गई और कंडक्टर ने अधेड़ आदिवासी व्यक्ति की पिटाई कर दी।
आरोपित के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी
मृणाल हेम्ब्रम की पिटाई की सूचना मिलते ही दर्जनों लोग बस स्टैंड पहुंच गए और गेट जाम कर दिया।
करीब 2 बजे से शुरू हुआ जाम आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आश्वासन पर करीब 8 बजे समाप्त हुआ।
इसके बाद रांची, कोलकोता समेत अन्य लंबी एवं छोटी दूरी के बसों का परिचालन सुचारू हो सका।
इस अवसर पर CO यमुना रविदास ने बताया कि विरोध कर रहे लोगों को आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के आश्वासन दिया गया।
इसके बाद वे लोग माने और जाम हटाया। उन्होंने कहा कि पीड़ित की लिखित शिकायत पर आरोपित के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।