भूलने की बीमारी के असर को इस योग से किया जा सकता है कंट्रोल, महिलाओं में…

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय लॉस एंजिल्सके शोधकर्ताओं ने पाया कि जिस प्रकार MRI का उपयोग करके मस्तिष्क के क्षेत्रों और उप-क्षेत्रों में गतिविधि को मापा जाता है

News Aroma Media
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न्यूयॉर्क : एक अध्ययन से यह बात सामने आई है कि महिलाओं में होने वाले अल्जाइमर (Alzheimer) और याददाश्त कम होने जैसे रोगों (Memory Loss Disease) को सांसों पर ध्यान केंद्रित करने वाली योग क्रिया के माध्‍यम से ठीक किया जा सकता है।

भूलने की बीमारी के असर को इस योग से किया जा सकता है कंट्रोल, महिलाओं में…-The effect of forgetfulness can be controlled by this yoga, in women…

UCLA का संशोधन

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय लॉस एंजिल्स (University of California Los Angeles) के शोधकर्ताओं ने पाया कि जिस प्रकार MRI का उपयोग करके मस्तिष्क के क्षेत्रों और उप-क्षेत्रों में गतिविधि को मापा जाता है, उसी तरह ‘कुंडलिनी योग’ तनाव से प्रभावित मस्तिष्क के एक क्षेत्र में गतिविधि को बढ़ाता है, जिससे याददाश्त तेज होती है।

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योग के प्रभावों का अध्ययन

जर्नल ऑफ अल्जाइमर डिजीज (Journal of Alzheimer’s Disease) के ऑनलाइन प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने हिप्पोकैम्पस के उपक्षेत्रों में कनेक्टिविटी पर स्मृति वृद्धि प्रशिक्षण (Memory Enhancement Training) के दृष्टिकोण की तुलना में योग (Yoga) के प्रभावों का अध्ययन किया, जो सीखने और स्मृति के लिए मस्तिष्क का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। MET उन तकनीकों से याददाश्त सुधारने के लिए मौखिक और दृश्याें का सहारा लेते हैं।

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‘कुंडलिनी योग’ के फायदे

UCLA में लेट-लाइफ, मूड स्ट्रेस एंड वेलनेस रिसर्च प्रोग्राम (Mood Stress and Wellness Research Program) के निदेशक, मनोचिकित्सक डॉ. हेलेन लावरेत्स्की (Dr. Helen Lavretsky) ने कहा कि ‘कुंडलिनी योग’ प्रशिक्षण तनाव से संबंधित हिप्पोकैम्पस कनेक्टिविटी को बेहतर ढंग से लक्षित करता है, जबकि एमईटी हिप्पोकैम्पस के संवेदी-एकीकरण उपक्षेत्रों को बेहतर ढंग से लक्षित कर सकता है, जो बेहतर स्मृति विश्वसनीयता का समर्थन करता है।

अध्ययन में 22 प्रतिभागियों को शामिल किया गया जो Alzheimer’s Risk पर योग के प्रभावों का अध्ययन करने वाले एक बड़े स्वतंत्र नियंत्रित परीक्षण का हिस्सा थे।

11 योग प्रतिभागियों की औसत आयु लगभग 61 थी, जबकि MET समूह में यह आयु लगभग 65 रखी गई थी। सभी ने पिछले वर्ष के दौरान याददाश्त में गिरावट की रिपोर्ट की थी। साथ ही उनमें हृदय संबंधी जोखिम था, जो अल्जाइमर रोग के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं।

योग और MET दोनों समूहों में यह सत्र 12 सप्ताह तक चला, प्रत्येक सप्ताह 60 मिनट का व्यक्तिगत प्रशिक्षण सत्र होता था। ‘कुंडलिनी योग’ प्रशिक्षण को ध्यान रूप क्रिया में समर्थित किया गया था।

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लावरेत्स्की ने कहा…

निष्कर्षों के आधार पर लेखकों ने कहा कि योग प्रशिक्षण तनाव से प्रभावित हिप्पोकैम्पस उपक्षेत्र कनेक्टिविटी को बेहतर ढंग से लक्षित कर सकता है जो याददाश्त बढ़ाने में मदद कर सकता है।

लावरेत्स्की (Lavretsky) ने कहा, मुख्य बात यह है कि यह अध्ययन मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए योग के लाभों का समर्थन करने वाले साहित्य में शामिल है, विशेष रूप से यह उन महिलाओं के लिए जिन्हें अधिक तनाव या याददाश्त काम होने की बीमारी है। योग की क्रियाएं वृद्ध व्यस्कों के लिए आदर्श हैं।

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योग से महिलाओं को विशेष लाभ

अध्ययन से पता चलता है कि योग की इन क्रियाओं से उन महिलाओं को विशेष लाभ हो सकता है जो अक्‍सर तनाव का अनुभव करती हैं।

लेखकों का कहना है कि हिप्पोकैम्पस कनेक्टिविटी (Hippocampal Connectivity) और स्मृति पर योग और MET के लाभकारी प्रभावों को स्पष्ट करने के लिए भविष्य में एक बड़े अध्ययन की आवश्यकता होगी।

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