हजारीबाग: विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति दीपक बिरूवा ने शनिवार को परिसदन में सदस्यों के साथ विभिन्न विभागों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई मामलों पर चर्चा की गई।
वन विभाग की समीक्षा के क्रम में बड़ी राशि के सरेंडर किए जाने का मामला सभापति ने रखा। इस मामले में डीएफओ ने अंतिम समय में राशि मिलने की बात कह पल्ला झाड़ने का काम किया।
समिति ने हाथी द्वारा हो रहे नुकसान के मुआवजा के बावत एवं किए गए पौध रोपण के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, विकास, जिला परिषद की भी समीक्षा की गई।
जिला परिषद द्वारा बनाए गए करीब ढाई करोड़ की लागत से सिम्पसन पार्क की निविदा में गड़बड़ी की बात स्वीकारते हुए उन्होंने इस मामले में सरकार को रिपोर्ट करने की बात कही।
सभापति ने यह भी कहा कि कई मामलों में तो योजनाएं वर्षों से लंबित हैं।
इस बावत भी जानकारी प्राप्त कर उसे पूर्ण करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया।
12 कोल्ड स्टोरेज निर्माण मामले में स्पेशल डिविजन 12.5 लाख की योजना को 25 लाख में टेंडर किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह सरकारी पैसे का दुरुपयोग है।
उन्होंने टेंडर रद करवाए जाने की भी जानकारी दी। सभापति ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास व शौचालय की कई योजनाएं लंबित हैं। लंबित होने के कारण योजनाओं की लागत बढ़ गई है।
छर्री, बालू, छड़ के मूल्य में वृद्धि के कारण अब पीएम आवास योजना की लागत 1.3 लाख के स्थान पर 3.75 लाख किया जाना चाहिए। उन्होंने शौचालय निर्माण की लागत बढ़ाने की भी बात कही।
उन्होंने कहा कि इस मामले में रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे।
करोड़ों की लागत से बने कई भवनों के पूर्ण नहीं हो पाने एवं उपयोग नहीं होने का जिक्र किए जाने पर सभापति श्री बिरूवा ने इस मामले में जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगने की बात कही।
कहा कि प्रशिक्षु आईएएस सौरभ कुमार भुवनिया जांच कर मामले की रिपोर्ट समिति को सौंपेंगे।
इसके आधार पर सरकार को रिपोर्ट सौंप कार्रवाई करवाई जाएगी।